भारत से गोद ली गई बच्ची की हत्या ने अमेरिका को हिला दिया है। बच्ची को मारने वाले मैथ्यू दंपति इस समय जेल में हैं। इस घटना के बाद विदेश में बच्चों को गोद देने वाली संस्थाएं संदेह के घेरे में आ रही हैं।शेरिन की हत्या 7 अक्टूबर, 2017 को की गई और उसका शव 22 अक्टूबर को रहस्यमयी परिस्थितियों में घर के पास ही एक नाले में मिला था।

 


नालंदा के अनाथालय से गोद ली गई एक तीन वर्षीय अबोध बालिका शेरिन मैथ्यू की तेज धार वाले औजार से निर्मम हत्या की कहानी अमेरिकी महानगर डलास के प्रवासी भारतीय परिवारों में एक पहेली बनी हुई है। डलास से करीब बाइस किलोमीटर दूर उत्तर पूर्व में एक उपनगर रिचर्डसन में रह रहे एक आईटी पेशेवर भारतीय अमेरिकी वेसली मैथ्यू और शीन मैथ्यू ने जून 2016 में शेरिन को गोद लिया था। नन्हीं शेरिन अपने घर, परिवार की मीठी यादों से उबर भी नहीं पाई थी कि उसे नए परिवेश में एकाएक एक दिन जान से हाथ धोना पड़ा। आखिर ऐसा क्या हुआ था कि गोद की रस्म और औपचारिकताएं पूरी करने वाले एक गैर सरकारी अमेरिकी संगठन ‘होल्ट इंटरनेशनल’ को दुनिया की नजरों में शर्मसार होना पड़ा। अब उस पर भारत से किसी भी बच्चे के गोद लेने पर भी रोक लग गई है? यह संगठन 1979 से अब तक भारत से 1,480 बच्चों को गोद लेने की औपचारिकताएं पूरी करने का दावा कर चुका है।   

भारत से गोद ली गई बच्ची की हत्या ने अमेरिका को हिला दिया है। बच्ची को मारने वाले मैथ्यू दंपति इस समय जेल में हैं। इस घटना के बाद विदेश में बच्चों को गोद देने वाली
संस्थाएं संदेह के घेरे में आ रही हैं।

मैथ्यू दम्पति ने गोद की विधिवत औपचारिकताएँ पूरी करते समय संयुक्त राष्ट्र संघ से मान्यता प्राप्त हेग कन्वेंशन के अंतर्गत सदस्य देशों में परस्पर बच्चों के गोद लेने-देने में सहयोग तथा बाल संरक्षण के तहत औपचारिकताएं पूरी की थीं। यही नहीं, मैथ्यू दम्पति ने कानूनन माता-पिता के रूप में इस बच्ची के जीवन को संरक्षण दिए जाने का भरोसा दिलाया था। फिर वही अभिभावक रक्षक की जगह भक्षक कैसे बन बैठे? इस बच्ची की हत्या 7 अक्टूबर, 2017 को की गई और उसका शव 22 अक्टूबर को रहस्यमयी परिस्थितियों में घर के पास ही के एक नाले में मिला था। इस बीच अमेरिकी फेडरल जांच एजेंसी एफबीआई ने प्रारम्भिक जांच के दौरान इस अबोध बालिका के अभिभावक मैथ्यू दम्पति से पूछताछ तो की ही, दो सप्ताह तक लापता बच्ची की खोजबीन में अमेरिकी नियमों के अनुसार वे सब दायित्व भी निभाए, जो कानूनन जरूरी समझे गए। आखिर वह घड़ी भी आ गई, जब डलास काउंटी की अदालत ने एफबीआई की चार माह की जांच पड़ताल के बाद वेसली और शीन मैथ्यू को इस अबोध बालिका की तेज धार वाले औजार से हत्या के अभियोग में कारागार में डाल दिया। मैथ्यू दम्पति ने प्रारम्भिक जांच पड़ताल में जो बयान दिए हैं, वह हत्या की पहेली को और भी उलझाने वाले हैं। हालांकि शिशु रोग विशेषज्ञ सजाने डकिल ने अदालत में अपने बयान में कहा है कि इस बच्ची के साथ मैथ्यू दम्पति ने अच्छा सलूक नहीं किया और इसकी शिकायत वह चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विसेस से कर चुके हैं। इस वारदात से रिचर्डसन उपनगर के श्वेत और अश्वेत अमेरिकी भी कम हतप्रभ नहीं हैं। इस समुदाय ने एक कदम आगे बढ़कर नव वर्ष की पूर्व संध्या पर रिचर्डसन के ही सेंट्रल पार्क में जब इस अबोध बालिका की स्मृति में एक ‘‘मेमोरियल बेंच’’ स्थापित कराया था, तब सभी की आंखें नम थीं। उन के मन में रह-रह कर एक ही सवाल आ रहा था कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि मैथ्यू दम्पति को इस बालिका की जान लेने पर आमादा होना पड़ा? मैथ्यू दम्पति इन दिनों डलास काउंटी जेल में हैं। 37 वर्षीय वेसली मैथ्यू पर अभियोग लगाया गया है कि उसने पिछले साल सात अक्टूबर को शेरिन मैथ्यू की किसी तेज धार वाले औजार से हत्या की और फिर सबूतों से छेड़छाड़ कर जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की। इस सब के बावजूद एफबीआई अभी तक इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है कि आखिर ऐसी क्या बात है कि वेसली मैथ्यू को प्रारम्भिक जांच के समय दिए गए अपने बयान को बार-बार बदलना पड़ रहा है।

वैसली के वकील राफेल डीला गार्जा से सम्पर्क नहीं हो सका है। डिस्ट्रिकट अटार्नी फेथ जानसन ने कहा है कि जांच एजेंसियां मामले की तह में जा रही हैं। इस घटना का एक पहलू यह भी है कि मैथ्यू दंपति की अपनी भी एक चार साल की बेटी है, जो टेक्सास के ही एक महानगर ह्यूस्टन में अपने रिश्तेदारों के पास रहती है। इस बारे में जब डलास काउंटी डिस्ट्रिकट जज चेरिल ली शेनन को बताया गया तो जज ने एक आदेश जारी कर मैथ्यू दम्पति की अपनी बेटी को मिलने पर भी प्रतिबंध लगा दिया।  शुरू में मैथ्यू दम्पति के हवाले स्थानीय पुलिस की ओर से खबर आई थी कि गत 7 अक्टूबर को तीन वर्षीय शेरिन मैथ्यू अपने रिचर्डसन स्थित घर से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है।

शेरिन की हत्या 7 अक्टूबर, 2017 को  की गई और उसका शव 22 अक्टूबर को रहस्यमयी परिस्थितियों में घर के पास ही एक नाले में मिला था।

उसके अभिभावक पिता ने रात तीन बजे बाद से लापता हुई बेटी की सूचना तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम क्रमांक 911 पर देने की बजाए सुबह आठ बजे दी? प्रारम्भिक जांच में वेसली ने एफबीआई को यह बयान दे कर गुमराह करने की कोशिश की थी कि उसे रात तीन बजे दूध दिए जाने और फिर उसके मना करने पर घर से बाहर पेड़ के पास खड़ा होने के लिए कहा गया था। थोड़ी देर बाद वह बच्ची को देखने बाहर निकले तो, वह लापता पाई गयी। इस बयान के बाद वेसली मैथ्यू ने पुलिस को बताया था कि शेरिन कुपोषित थी, ‘विशेष शिशु रोग’ से पीड़ित होने के कारण उसे चिकित्सक की सलाह पर कभी भी सोकर उठने की स्थिति में दूध दिया जाना अनिवार्य था।

यह बयान भी पुलिस ने नोट किया था। पुलिस ने वेसली मैथ्यू की पत्नी शिनी मैथ्यू का भी बयान नोट किया। पुलिस को संदेह तो वेसली के बयान पर ही हो गया था, लेकिन घटना के दिन जब वह अपने तामझाम और खोजी कुत्तों के साथ सुबह आठ बजे मैथ्यू दम्पति के घर पहुंची, तो शिनी मैथ्यू को वाशिंग मशीन में कपड़े धोते देख और भी विस्मयकारी लगा था। उसने पुलिस को अपने संक्षिप्त बयान में इतना ही कहा कि रात तीन बजे की घटना के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। वह उस समय सो रही थी। वेसली ने अटोप्सी रिपोर्ट आने और बच्ची की किसी तेज धार वाले औजार से हत्या किए जाने की रिपोर्ट के बाद हिरासत में लिए जाने से पहले शपथ पत्र में जुर्म कबूल कर लिया था। उसने तब भी यही कहा था कि वह घर के गैराज में बच्ची को लेकर गया था। वहां उसे जबरन दूध पिलाने की कोशिश की। इस पर उसका गला रुंध गया था, फिर उसे कफ आया और उसे लगा की उसकी नब्ज काम नहीं कर रही है। तत्पश्चात उसने बच्ची को एक बोरे में ठूंस कर पहले घर के पास कूड़ेदान में डाल दिया। फिर उसे पास के नाले में डाल दिया था।

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