पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर सीज फायर का उल्लंघन करने व आतंकियों की घुसपैठ कराने से बाज नहीं आ रहा है। 2016 में 233 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ इसमें सीमा सुरक्षा बल के 16 जवान शहीद हुए और 74 घायल जबकि 13 नागिरक मारे गए। 2017 में पाकिस्तान ने 379 से अधिक बार सीजफायर का उल्लंघन किया। जबकि 2018 में अभी तक वह 160 से अधिक बार सीजफायर तोड़ चुका है। गत वर्ष के दौरान भारतीय सेना व सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए आॅपरेशन आॅलआउट में 218 आतंकियों को भी मार गिराया गया है। इस दौरान 12 नगरिक मारे गए हैं और 79 घायल हुए।  04 फरवरी को पाकिस्तान ने एक बार फिर जम्मू संभाग के सुंदरबनी से लेकर पुंछ तक नियंत्रण रेखा पर भारी गोलाबारी की जिसमें सेना के एक अधिकारी सहित चार जवान शहीद हो गए। इस दौरान सेना के दो जवान, सीमा सुरक्षा बल का एक एएसआई और दो स्थानीय नागरिक भी घायल हुए। शहीद होने वाले सेना के जवानों में कैप्टन कपिल कुंडु निवासी गुरूग्राम हरियाणा, राइफल मैन राम अवतार निवासी ग्वालियर, हवलदार रोशन लाल निवासी साम्बा और राइफल मैन शुभम सिंह निवासी कठुआ शामिल हैं। भारतीय सेना ने भी इस गोलीबारी का पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया और पाकिस्तान के कई बंकर तबाह किए। इसके बावजूद पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय चौकियों और रिहायशी क्षेत्रों को निशाना बनाकर गोलाबारी की गई।

04 फरवरी को पहली बार पाकिस्तान ने भारतीय चौकियों को निशाना बनाने के लिए गाइडेड मिसाइलें दागी जिसके चलते राजौरी जिले की नियंत्रण रेखा पर स्थित भारतीय सेना की बारूद पोस्ट पूरी तरह से तबाह हो गई और एक सेना के अधिकारी सहित चार जवान शहीद हो गए। पाकिस्तान ने इस हरकत से वर्षों से चल रहे परोक्ष युद्ध को नया रूप दे दिया है। अगर पाकिस्तान आगे भी इसी तरह की मिसाइलों का इस्तेमाल करता रहा तो सीमा के चार किलोमीटर के दायरे में रहने वाले सीमावर्ती लोगों के लिए बहुत बड़ा संकट पैदा हो जायेगा। पहले पाकिस्तानी सेना सिर्फ 82 एमएम या 120 मोर्टार दागती थी जिससे बहुत ज्यादा नुकसान नहीं होता था परन्तु यह मिसाइल सीमावर्ती गांवों में काफी तबाही मचा सकती है। पाकिस्तान ने इस बार चीन सेना के सहयोग से बनाई गई गाइडेड मिसाइलों का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान ने इस बार लगभग 6 मिसाइलें दागी थीं। यह मिसाइल लगभग चार किलोमीटर तक मार करती है और जिस जगह पर गिरती है उसे पूरा तबाह कर देती है। इस तरह की मिसाइल का इस्तेमाल युद्ध के दौरान होता है। यह गाइडेड मिसाइल राकेट लांचर की तरह होती है, जो टारगेट पर सटीक बैठती है और इससे जानमाल का काफी नुकसान हो होता है।

बौखलाया पाकिस्तान अब हल्के हथियारों की जगह गाइडेड मिसाइलों के जरिए नियंत्रण रेखा पर सैनिकों को निशाना बना रहा है।

पाकिस्तान की इस हरकत पर उत्तरी कमान के एक वरिष्ठ सेना अधिकारी ने कहा है कि हमारे पास भी ऐसी मिसाइलें हैं और पाक की इस हरकत का जवाब देने में भारतीय सेना पूरी तरह सक्षम है। हमारे जवानों की शहादतें व्यर्थ नहीं जायेंगी। उप सेना प्रमुख शरत चंद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना की इस हरकत पर हमारी जवाबी कार्रवाई हमारा रूख बता देगी। जल्द ही पाकिस्तान सेना के खिलाफ बड़ा आॅपरेशन होगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सीमा पर आतंकियों की घुसपैठ का समर्थन करते हुए गोलीबारी करता है लेकिन भारत इसका मुंहतोड़ जवाब देता रहा है और देता रहेगा। इस बार भी सेना की कार्रवाई खुद हकीकत बयां करेगी। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसका माकूल जवाब देने का संकेत देते हुए भारतीय सेना के पराक्रम पर पूरा भरोसा जताया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने सेना व सुरक्षाबलों को साफ तौर पर कहा है कि अगर पाकिस्तान की तरफ से हमारी सीमा पर एक भी गोली चलाई जाए तो आप उसका अनगिनत गोलियों से जवाब दें। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी के लहजे में कहा कि किसी ने भी इतना मां का दूध नहीं पिया है जो कश्मीर को भारत से अलग कर सके। कश्मीर भारत का था, है और हमेशा रहेगा।

वहीं केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान को इसके लिए मांफ नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान को सबक सिखाया जाएगा। पाकिस्तान की यह हरकत बहुत बड़ी मूर्खता साबित होगी और इसका अंजाम पाक को भुगतना होगा।

दूसरी ओर पाकिस्तान ने राजौरी में गाइडेड मिसाइलें दागने के बाद नियंत्रण रेखा पर हलचल तेज कर दी है। भारतीय सेना इसका कड़ा जवाब देगी इसी डर के चलते पाक सेना ने अपनी संख्या को बढ़ा लिया है और सीमा से सटे अपने गांवों को खाली करवाना शुरू कर दिया है। पाक सेना ने राजौरी व पुंछ में नियंत्रण रेखा से सटी सीमा पर दो तोपखानों को तैनात किया है। राज्य सरकार ने पाकिस्तानी फायरिंग के चलते एलओसी के आस-पास के 84 स्कूलों को बंद कर दिया। आयुक्त ने कहा कि अगर इसी तरह से गोलाबारी जारी रही तो स्कूलों को आगे भी बंद रखा जा सकता है। पाकिस्तान कश्मीर में लगातार आतंकियों की फौज को घुसपैठ कराने की कोशिश में वह भारतीय सीमा पर लगातार गोलाबारी कर सीजफायर का उल्लंघन करता आ रहा है। इसी वर्ष महज फरवरी में ही उसके द्वारा की गई गोलाबारी में अब तक सेना के आठ जवान शहीद हो चुके हैं। हालांकि हर बार भारतीय जवानों ने उसकी कारगुजारियों का मुंहतोड़ जवाब भी दिया है। एक ओर जहां पाक गोलीबारी में सुरक्षाबलों सहित स्थानीय नागरिकों के जानमाल की भारी हानी हुई है वहीं पिछले तीन सालों में पत्थरबाजी की 4736 घटनाएं हुईं जिससे 11,566 सुरक्षाकर्मी घायल हुए। पत्थरबाजी की इन घटनाओं में 110 नागरिकों व दो पुलिसकर्मियों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। 2015, 2016 और 2017 में पत्थरबाजी की 9670 घटनाओं में 9760 पुलिस के जवान तथा 1896 सेना के जवान घायल हुए हैं। वर्ष 2015 के दौरान पत्थरबाजी की 730 घटनाओं में 641 सुरक्षाकर्मी घायल हुए। वर्ष 2016 के दौरान 9235 सुरक्षाकर्मी पत्थरबाजी की घटनाओं से घायल हुए। 2017 में पत्थरबाजी की 1198 घटनाएं हुईं और इसमें 1690 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।

35 दिनों में 12 जवान शहीद

⇒ 3 जनवरी को सांबा सेक्टर में बीएसएफ के हेड कांस्टबेल पी हाजरा शहीद हुए।

⇒ 13 जनवरी को सुन्दरबनी सेक्टर में आर्मी के लांस नायक योगेश भड़ाने शहीद हुए।

⇒ 17 जनवरी को आरएस पुरा सेक्टर में बीएसएफ के हेड कांस्टेबल ए सुरेश शहीद हुए।

⇒ 19 जनवरी को सुन्दरबनी सेक्टर में आर्मी के लांस नायक सैम अब्राहम शहीद हुए।

⇒ 19 जनवरी को ही इसी दिन सांबा सेक्टर में बीएसएफ के हेड कांस्टेबल जगपाल सिंह शहीद हुए

⇒ 20 जनवरी को कृष्णा घाटी सेक्टर में सेना के सिपाही मनदीप सिंह शहीद हुए।

⇒ 21 जनवरी को मेंढर सेक्टर में सेना के सिपाही चंदन कुमार राय शहीद हुए।

⇒ 24 जनवरी को कृष्णा घाटी सेक्टर में सेना के सिपाही नायक जगदीश शहीद हुए।

⇒ 4 फरवरी को भिंबर गली सेक्टर में सेना के कैप्टन कपिल कुंडु राइफल मैन राम अवतार, हवलदार रोशन लाल व राइफल मैन      शुभम सिंह शहीद हुए।

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