ध्य प्रदेश के लिए यह वर्ष चुनावी वर्ष है, सत्तारुढ़ भाजपा और विपक्ष में बैठी कांग्रेस, दोनों ही मुख्य राजनीतिक पार्टियां आज यह अच्छी तरह जानती हैं कि चुनाव जीतने के लिए उस वर्ग को अपंने साथ करना जरूरी है जो जीत की गारंटी दे सकता हो। इसके लिए दोनों प्रमुख पार्टियों के साथ उन सभी राजनीतिक पार्टियों में इस वक्त यह बताने की जोर आजमाइश चल रही है कि आखिर सबसे बड़ा किसान हितैषी देश के इस दिल में है कौन। अपने को इस मामले में बड़ा बताने के लिए सूबे में लंबे समय से प्रयास कर रही कांग्रेस हो या अपना अस्तित्व खोज रही बसपा, सपा और आम आदमी पार्टी, लाख दाव लगाने, रणनीति बनाते और अथक प्रयास किए जाने के बाद भी मुख्यमंत्री शिवराज के सामने सफल नहीं हो पा रही हैं। हर बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोई ऐसी रणनीति बना चतुर सुजान की तरह सामने आते हैं कि प्रदेश की राजनीति में विपक्षी दलों के सारे प्रयास धरे के धरे रह जाते हैं। इसी क्रम में भावांतर भुगतान योजना व किसानों के कल्याण और हित से जुड़ी मुख्य योजनाएं इसका कारण बनकर सामने आई हैं। भोपाल के जम्बूरी मैदान से सीएम शिवराज ने किसानों का दिल जीतने का दौर शुरू कर दिया है। भावांतर भुगतान योजना के प्रमाण-पत्र वितरण और कृषि महोत्सव के अंतर्गत आयोजित किसान महा-सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने पहले 3 लाख 98 हजार किसानों को 620 करोड़ की भावांतर राशि आॅनलाइन ट्रांसफर के साथ और भी किसान लाभ की कई घोषणाएं की।

शिवराज ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना जारी रखी जायेगी। किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य दिलाने के लिये मुख्यमंत्री कृषि उत्पादकता योजना लागू की जायेगी। इस योजना में गेहूं और धान पर समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 200 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इसी के साथ कृषि ऋण पर ब्याज 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य प्रतिशत किया गया है। किसानों के लिये यह ब्याज राज्य सरकार भरती है। बिजली का फ्लैट बिल 7 हजार रुपये प्रति हार्स पावर के रेट पर दिया जाता है। इसके लिये प्रति हार्सपावर 31 हजार रुपये राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। प्रत्येक 5 एकड़ पर सिंचाई का खर्च 10 हजार रुपये राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। इसी तरह, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण के लिये प्रति किसान परिवार 3 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाता है। किसानों द्वारा खाद के अग्रिम भंडारण पर ब्याज राज्य सरकार भरती है। फसल बीमा योजना में प्रत्येक पांच एकड़ पर 9 हजार रुपये प्रीमियम राज्य सरकार दे रही है। भावांतर भुगतान योजना और समर्थन मूल्य पर खरीदी में प्रत्येक पांच एकड़ पर 20 हजार रुपये राज्य द्वारा दिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में हाल ही में हुई ओला वृष्टि से प्रभावित फसलों के नुकसान की भरपाई राहत राशि और फसल बीमा को मिलाकर किया जाएगा।

किसानों से वादा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का किसानों को बताया कि  प्रदेश में सिंचाई क्षमता साढ़े सात लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर चालीस लाख हेक्टेयर कर दी गयी है। अगले पांच वर्ष में सिंचाई सुविधा बढ़ाने पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। होशंगाबाद संभाग में साढ़े सात हजार करोड़ रुपये सिंचाई पर खर्चा होगा। अगले पांच सालों में बुंदेलखंड में 4 लाख 50 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई होगी। चंबल में तीन लाख दस हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई होगी। इस पर पांच हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा। मालवा क्षेत्र में नर्मदा के पानी से 11 लाख 5 हजार हेक्टेयर नये क्षेत्र में सिंचाई होगी। रेवांचल क्षेत्र में 6 लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई होगी। महाकौशल क्षेत्र में 4 लाख 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिचाई होगी और  भोपाल संभाग में 6 लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से वादा किया है कि आगे उनकी सरकार इस योजना में उन सभी किसानों को लाभ पहुंचाने जा रही है जो अपनी फसल को तुरंत नहीं बेचना चाहते, वे उन्हें अधिकृत भंडार गृहों में रखना चाहते हैं। सरकार ऐसे सभी किसान भाइयों को 4 माह तक भंडारण सुविधा मुहैया कराएगी और उस भंडारण पर आया समस्त खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इसी तरह चना, मसूर और सरसों के लिये भी भावांतर भुगतान योजना लागू की जायेगी। योजना में अगर किसान अपनी फसल भंडारण गृह में रखता है, तो उसकी आवश्यकता के लिये फसल के मूल्य का 25 प्रतिशत उसे सहकारी बैंक द्वारा दिया जायेगा, जो वह फसल बिकने पर लौटाएगा। इस राशि पर लगने वाला ब्याज राज्य सरकार भरेगी। कृषक उद्यमी योजना के तहत आगे किसानों के बेटे-बेटियों को 25 लाख से 2 करोड़ रुपये तक के ऋण की गारंटी सरकार की ओर से दी जाएगी साथ ही इसमें 15 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार स्वयं देगी। इसके अतिरिक्त 7 साल तक 5 प्रतिशत ब्याज भी सरकार द्वारा भरा जाएगा।

सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई किसान हितैषी
योजनाओं को लागू कर अपनी मंशा बता दिया है कि आगे
भी उनकेलिए किसान हित सर्वोपति होगा।

किसान हितैषी घोषणाएं

किसानों के हित में वर्ष 2018-19 में प्याज की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की जायेगी। प्रति विकासखण्ड एक हजार कस्टम प्रोसेसिंग एवं सर्विस सेन्टर खोले जाएंगे। किसानों को ही इनका संचालन करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। चंबल संभाग में बीहड़ को कृषि योग्य बनाने के लिये 1200 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। 150 कृषि उपज मण्डियों के प्रांगणों में प्रदेश तथा प्रदेश के बाहर की मण्डियों की दरों को प्राइस ट्रेकर के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। 50 कृषि उपज मण्डियों में ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग प्लांट लगाए जाएंगे। 25 कृषि उपज मण्डियों में कलर सोट्रेक्स प्लांट लगाए जाएंगे। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के सदस्यों के कालातीत बकाया ऋणों की समाधान योजना लागू होगी। फिलहाल 4 हजार 523 समितियों में यह व्यवस्था होगी। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा खरीफ 2017 में वितरित अल्पकालीन फसल ऋण की देय तिथि 28 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल की जाएगी। सहकारी क्षेत्र के कृषक सदस्यों के किसान क्रेडिट कार्ड का रूपे कार्ड में परिवर्तन किया जाएगा। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम मशीन स्थापित की जाएगी। पशुपालकों को पशुपालन से संबंधित गतिविधियों के लिये पशुपालन क्रेडिट कार्ड प्रदान किए जाएंगे। आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना से 1500 के स्थान पर प्रतिवर्ष 15 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। नई व्यवस्था में संशोधित खसरा नकल-नामांतरण एक महीने में कर दिया जायेगा। अब आवेदन देने के दिन ही सीमांकन की तारीख दे दी जायेगी।

किसान हित सर्वोपरि

इसके अतिरिक्त बंटाईदार किसान अब पांच साल तक जमीन दे सकेंगे। बंटाईदार किसानों को भी सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा। यदि गांव के लोग ट्रांसफार्मर स्वयं परिवहन व्यवस्था कर लायेंगे, तो किसानों को ट्रांसफार्मर का किराया नहीं लगेगा। ट्रांसफार्मर कनेक्शन पर ब्याज नहीं लगेगा। यदि तीन महीने में ट्रांसफार्मर जल गया हो, तो चार्ज नहीं लगेगा। किसानों की आय को दोगुना करने के लिये अब डिफाल्टर किसानों को भी कर्ज मिलेगा। जो किसान मुख्यमंत्री कृषि पंप योजना में राशि जमा कर आवेदन करेंगे उन्हें अस्थाई कनेक्शन का चार्ज नहीं लगेगा। अलग से उन्हें अस्थाई कनेक्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बकाया की शर्त को शिथिल कर दिया जायेगा।  उधर, कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन कहते हैं किसानों के लिये भावांतर भुगतान योजना बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का सबसे पहला राज्य है। इस योजना में 8 फसलों के लिये किसानों के खातों में 1512 करोड़ रुपये पहुंचाये जा रहे हैं। प्रदेश में 6 ट्रेक्टर प्रशिक्षण संस्थान शुरू किये जा रहे हैं। साथ ही 90 लाख किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिये जा रहे हैं। अभी 200 सिंचाई परियोजना से 3 लाख 15 हजार हेक्टेयर में सिंचाई हो रही है। अगले पांच सालों में 1 लाख 30 हजार हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई होगी। वहीं किसी कारण डिफाल्टर हुए किसानों को फिर से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्जा मिलेगा। बकाया ब्याज सरकार देगी। मूलधन को दो किश्त में किसान जमा करेंगे। एक किश्त चुकाने के तत्काल बाद उन्हें ऋण मिल सकेगा। सरकार किसानों के हित में 2600 करोड़ रुपये से ज्यादा का ब्याज भरेगी।

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी
पिछले दो दशक से पत्रकारिता के साथ अध्यापन एवं शोध कार्य कर रहे हैं। रामचरित मानस : सामाजिक चेतना और आधुनिकता, न्यूज एजेंसी की पत्रकारिता और हिन्दुस्थान, हिन्दी पत्रकारिता इतिहास और विकास, हिन्दी पत्रकारिता में बातचीत कला जैसी 10 से अधिक पुस्तकों के लेखक और संपादक हैं। कई नाटकों का लेखन एवं निर्देशन भी इन्होंने किया है। केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार में एडवाइजरी कमेटी के सदस्य। लेखक इन दिनों हिन्दुस्थान समाचार बहुभाषी न्यूज एजेंसी के मध्य प्रदेश के ब्यूरो प्रमुख हैं।

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