क्षिण अफ्रीका के दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम भले ही टेस्ट मैचों में 25 साल के सूखे को खत्म न कर सकी हो, लेकिन एकदिवसीय श्रृंखला में टीम ने जरूर 26 साल के सूखे को खत्म कर दिया। विराट कोहली के नेतृत्व में भारतीय टीम ने मौजूदा छह मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला अपने नाम कर ली है। भारतीय टीम इससे पहले चार बार दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर गई थी और हर बार भारतीय टीम को श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय टीम कोहली के नेतृत्व में अपने पांचवें प्रयास में श्रृंखला जीतने में कामयाब हुई है।

इससे पहले मोहम्मद अजहरूद्दीन के नेतृत्व में भारतीय टीम का पहला दक्षिण अफ्रीका दौरा 29 अक्टूबर 1992 से 6 जनवरी 1993 तक रहा। इस दौरान भारत ने सात एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला खेली ,जिसमें भारतीय टीम को 5-2 से हार का सामना करना पड़ा। उस समय दक्षिण अफ्रीका के कप्तान केपलर वेसल्स थे। इसके बाद भारतीय टीम ने राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया और पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला खेली। इस श्रृंखला में दक्षिण अफ्रीका ने ग्रीम स्मिथ के नेतृत्व में श्रृंखला 4-0 से जीती।  महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व में भारतीय टीम ने तीसरी बार वर्ष 2010-11 में दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर पांच मैचों की श्रृंखला खेली, जिसमें भारतीय टीम को 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस बार भी अफ्रीकी टीम की कमान ग्रीम स्मिथ के हाथों में थी। चौथी बार भारतीय टीम ने महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व में ही दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया। इस दौरे में भारत को 3 मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इस बार दक्षिण अफ्रीकी टीम के कप्तान एबी डीविलियर्स थे।

भारत ने दक्षिण अफ्रीका में एकदिवसीय क्रिकेट की
श्रृंखला जीत कर इतिहास रच दिया है। इस जीत से टीम के संयुक्त प्रयास
की जीत परिलक्षित हुई है, जो शुभ संकेत है। 2109 के क्रिकेट विश्व
कप के लिए इसे विदेशी धरती पर खेला जाना है।

 

भारत ने रचा इतिहास

तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 2-1 से मिली हार के बाद कप्तान कोहली और भारतीय टीम की हरतरफ आलोचना होनी शुरू हो गई थी। एक बार फिर भारत को घर का शेर कहा जाने लगा था। कुछ आलोचकों ने तो पूरी भारतीय टीम की बल्लेबाजी तकनीक पर ही ऊंगली उठानी शुरू कर दी थी, लेकिन जैसे ही भारतीय खिलाड़ी नीली जर्सी में आये न सिर्फ इतिहास रचा बल्कि अपने प्रदर्शन से आलोचकों के मुंह पर तमाचा भी जड़ दिया। छह मैचों की श्रृंखला के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 269 रन बनाए। भारतीय टीम ने कप्तान विराट कोहली के बेहतरीन 112 रनों की बदौलत 4 विकेट के नुकसान पर 45.3 ओवर में 270 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। दूसरे मैच में युजवेन्द्र चहल के 5 विकेटों की बदौलत दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 118 रनों पर सिमट गई भारत ने शिखर धवन के नाबाद अर्धशतक (51) की बदौलत 1 विकेट के नुकसान पर 119 रन बनाकर मैच 9 विकेट से जीत लिया। भारतीय टीम ने तीसरा एकदिवसीय में कप्तान कोहली के नाबाद 160 रनों की बदौलत 6 विकेट पर 303 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम मात्र 179 रनों पर सिमट गई। भारत ने यह मैच 124 रनों से जीतकर श्रृंखला में 3-0 की बढ़त हासिल कर ली। चौथे एकदिवसीय में दक्षिण अफ्रीका ने डकवर्थ लुइस नियम के आधार पर भारत को 5 विकेट से हराकर श्रृंखला में वापसी की। पांचवें एकदिवसीय में भारतीय टीम ने रोहित शर्मा के 115 रनों की बदौलत सात विकेट पर 274 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 201 रनों पर सिमट गई। भारत ने यह मैच 73 रन से जीतकर श्रृंखला 4-1 से अपने नामकर 26 सालों के सूखे को खत्म कर दिया।

 


व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स

श्रृंखला के पांचवें मैच में सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने शतक (115) जड़कर अपना पुराना रिकॉर्ड सुधार लिया। इस मैच में बतौर सलामी बल्लेबाज सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में रोहित ने वीरेन्द्र सहवाग को पीछे छोड़ दिया है। सहवाग ने बतौर सलामी बल्लेबाज 14 शतक लगाए थे, जबकि रोहित के नाम 15 हो गए हैं। इस सूची में सचिन तेंदुलकर 45 शतकों के साथ शीर्ष पर हैं। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका की जमीन पर रोहित का यह पहला शतक था। रोहित ने 13 मैचों की 12वीं पारी में शतक लगाया। वहीं, बतौर कप्तान विराट कोहली किसी एक द्विपक्षीय सीमित ओवर श्रृंखला में 400 से ज्यादा रन बनाने वाले सिर्फ़ दूसरे कप्तान बने। कोहली के पहले आॅस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान जार्ज बैली ने सबसे ज्यादा 478 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में युजवेन्द्र चहल ने 14 और कुलदीप यादव ने 16 विकेट लेकर श्रृंखला में आपस में 30 विकेट बांटे, जो कि एक रिकार्ड है। इससे पहले किसी भी सीमित ओवरों की श्रृंखला में स्पिनरों द्वारा 27 विकेट लिये जाने का रिकॉर्ड था।

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सुनील दुबे
मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता संस्थान से 2008 में पत्रकारिता (एमजेएमसी) में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। वर्ष 2012 में हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी से जुड़े। इन दिनों हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी के नई दिल्ली ब्यूरो में खेल संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।

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