साल के कार्यकाल की उपलब्धियां तो सिर्फ शुरुआत हैं, आने वाले चार सालों में प्रदेश लोक निर्माण के क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में भी विकास की नई बुलंदियों को हासिल करेगा। यह सरकार का निश्चय है और इसे पूरा करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह कहना है उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का। हिन्दुस्थान समाचार के उत्तर प्रदेश राज्य ब्यूरो प्रमुख राजेश तिवारी ने उनसे सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की, पेश है प्रमुख अंश-


सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर ‘एक साल-नई मिसाल’ के नारे को कितना जनोपयोगी मानते हैं?
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 22 करोड़ से अधिक लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं की सरकार है। अब तक इस सरकार ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ उन उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में काम किया है। हमारी सरकार 15 वर्षों के भ्रष्टाचार, परिवारवाद, गुण्डाराज की विरासत को खुशनुमा माहौल में बदलने में सफल हुई है।
फूलपुर व गोरखपुर उपचुनाव में पार्टी की पराजय, क्या कारण मानते हैं?
इन दोनों चुनाव में बीजेपी की हार हुई है। इस पराजय को हम स्वीकार्य कर रहे हैं। हम सब मिलकर आत्मचिंतन कर रहे हैं। इस हार के पीछे तीन कारण हैं, संगठन और सरकार की ओर से कार्यकर्ताओं का विश्वास जीतने में चूक, अति आत्मविश्वास और तीसरा विपक्षियों के सौदेबाजी वाला गठबंधन।
इस पराजय के कितने कारक हैं?
तालमेल व सामंजस्य का अभाव जैसी कोई बात नहीं है। सभी प्रकार की बातें उचित प्लेटफार्म पर रखी जाती हैं। भाजपा लोकतांत्रिक पार्टी है। हमारे कार्यकर्ता ही हमारी पूंजी हैं।
योगी सरकार किन-किन क्षेत्रों में नई मिसाल कायम कर रही है?
यूपी का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जो नई मिसाल से अछूता हो। जब योगी के नेतृत्व में सरकार बनी तो प्रदेश में माफिया व गुण्डाराज कायम था। आज कानून का राज स्थापित है। पुलिस व अपराधियों के बीच 1,294 मुठभेड़, 3,065 अपराधी गिरफ्तार, 45 अपराधी ढेर। पहले की सरकार में ये सभी अपराधी शामिल थे। किसानों के लिए पहली बार 36,000 करोड़ का प्रावधान कर 86 लाख लघु एवं सीमान्त किसानों का ऋण माफ किया है। पहली बार गन्ना किसानों को 27,000 करोड़ का बकाया भुगतान किया गया। पहली बार यूपी में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन, जिसमें करीब 4.70 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, इस पर सरकार ने कार्य भी शुरू कर दिया है। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के 1 करोड़ 54 लाख, 22 हजार बच्चों का नामांकन, प्रथम बार नि:शुल्क स्वेटर, जूता, मोजा तथा यूनिफार्म एवं बैग का वितरण हुआ। यूपी में कल्याण सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के बाद पहली बार शुचितापूर्ण हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की नकल विहन परीक्षाएं सम्पन्न हुईं।
लोक निर्माण विभाग भारतीय तकनीकि की जगह पश्चिमी मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहा है?
हमारे प्रेरणा स्रोत पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी कहते थे, ह्यह्यपश्चिमी विज्ञान और पश्चिमी जीवन दो अलग-अलग चीजें हैं। पश्चिमी विज्ञान बहुत सार्वभौमिक है और अगर हमें आगे बढ़ना है तो इसे जरूर अपनाया जाना चाहिए, लेकिन यही बात पश्चिमी जीवन और मूल्यों के बारे में सही नहीं है। हमारी सरकार की सभी योजनाएं गरीब, वंचित, शोषित, युवा और किसानों को लेकर समर्पित है। हम पं दीनदयाल जी के सपनों को चरितार्थ करने में सफल होंगे।
लोकनिर्माण विभाग पर प्रदेश को प्रगति के पथ पर ले जाने की अहम जिम्मेदारी है, पिछले एक वर्ष में क्या सफलता पायी है?
(गंभीर मुद्रा में)  इस काम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचार हमारा मार्गदर्शन करते  हैं। आपने सही सवाल किया है कि सरकार के लोक निर्माण विभाग पर प्रदेश को प्रगति के पथ पर ले जाने की अहम जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी को निभाने के मकसद से विभाग ने निर्माण कार्यों में नई तकनीकि को अपनाने का काम किया। इनमें से कई तकनीक उसी पश्चिमी विज्ञान पर आधारित है, जिनकी ओर इशारा पंडित दीनदयाल जी ने काफी पहले किया था। लेकिन इस विज्ञान के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार की कोशिश आम लोगों की जिंदगी को भारतीय जीवन मूल्यों के साथ आसान बनाने की है।
 
इस सरकार में सड़क निर्माण को लेकर कोई नई तकनीकी की शुरुआत की जाएगी?
सड़क निर्माण में नई तकनीक के इस्तेमाल के मकसद से लोक निर्माण विभाग ने 8 और 9 दिसंबर, 2017 को लखनऊ कांफ्रेंस का आयोजन किया था। इसमें केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी समेत कई राज्यों के लोक निर्माण विभाग के मंत्रियों और प्रधान सचिवों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा सड़क निर्माण से संबंधित अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञ भी इस कांफ्रेंस में शामिल हुए। यह कांफ्रेंस एक अनूठा प्रयोग था। इस सम्मेलन में सड़क निर्माण की नई तकनीकों को अपनाए जाने पर विस्तृत चर्चा हुई और राज्य सरकार इनमें से कई तकनीकों को अपना रही है।
हमारीसरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश में 3,975 किलोमीटर की 52 सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने केंद्रीय मार्ग निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश को 10,000 करोड़ रुपये देने की स्वीकृति दे दी है।
सड़कें, विकास और जीवन की रफ्तार हैं, इस सरकार की अवधारणा क्या है?
योगी सरकार का मानना है कि सड़कें सिर्फ संपर्क का काम नहीं करतीं बल्कि विकास की वाहक होती हैं। ऐसे में अगर ये सड़कें गड्ढ़ों से भरी हों, तो न संपर्क सरल रहेगा और न ही प्रगति के पथ पर समाज अपेक्षित गति से बढ़ पाएगा।
योगी सरकार बनते ही गड्ढा मुक्त सड़कों का एलान किया था, कितनी सफलताएं मिलीं?
जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सरकार बनी तो प्रदेश की सड़कों में काफी गड्ढे थे। हमारी सरकार ने यह निश्चय किया कि हम उत्तर प्रदेश की जनता को गड्ढा मुक्त सड़कें देंगे। यह कोई आसान काम नहीं था, लेकिन जब निश्चय हो तो बड़े से बड़ा काम भी पूरा हो जाता है। हमने अपने कार्यकाल के पहले 11 महीने में 1,01,000 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने में कामयाबी हासिल की है।
 
अपने विभाग की कोई एक उपलब्धि, जो आपको सुकून देने वाली हो?
(मुस्कुराते हुए) अपने अल्प कार्यकाल के हिसाब से हमारी उपलब्धियां अनेक हैं। इस दौरान 1,048 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य पूरा किया गया। कुल 110 परियोजनाओं का काम इस एक साल में लोक निर्माण विभाग ने किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस विभाग के तहत 86 बड़े पुलों का निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा है। इनके अतिरिक्त 41 रेल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जारी है। साथ ही 40 छोटे पुलों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
 
केन्द्र और राज्य दोनों में बीजेपी की सरकार है, फिर भी विकास की रफ्तार धीमी है?
केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व है। उनके शीर्ष पर होने से उत्तर प्रदेश सरकार को विकास कार्यों में केंद्र सरकार का कदम-कदम पर साथ मिल रहा है। उन्होंने कई मौकों पर उत्तर प्रदेश को विकास में हर संभव मदद करने की बात दोहराई है।
 
आपके विभाग की रफ्तार में केन्द्र सरकार की कोई भूमिका?
हमारी सरकार को केन्द्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश में 3,975 किलोमीटर की 52 सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने केंद्रीय मार्ग निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश को 10,000 करोड़ रुपये देने की स्वीकृति दे दी है। 3,016 करोड़ रुपये की लागत से केंद्रीय मार्ग निधि योजना के पहले चरण के तहत उत्तर प्रदेश में 1,9797 किलोमीटर सड़क बनाने को मंजूरी केंद्र सरकार ने दी है। इन सभी कार्यों को मंजूरी देने में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विशेष दिलचस्पी के साथ अहम भूमिका निभाई है।
 
अभी भी सैकड़ों गांव सड़कों से जुड़ नहीं पाये हैं, इस पर आपकी कोई योजनाएं हैं?
लोक निर्माण विभाग की ओर से 358 करोड़ रुपये की लागत से 250 से अधिक आबादी वाले 326 गांवों को जोड़ने का काम कर रही है। इस सरकार में कोई भी गांव सड़क से अछूता नहीं रहेगा। आगामी चार वर्षो में यूपी में सड़कों का संजाल दिखेगा।
आपके विभाग को वैश्विक सहयोग मिला हो तो बतायें?
हमारी सरकार ने अपने कामकाज में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की है। इसका असर यह हो रहा है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक एजेंसियां भी प्रदेश के विकास कार्यों में खुले दिल से हमारी मदद कर रही हैं। प्रदेश में 3,700 करोड़ रुपये की लागत से 335 किलोमीटर की सात परियोजनाएं विश्व बैंक के सहयोग से प्रस्तावित हैं, वहीं 2,782 करोड़ रुपये की लागत से 426 किलोमीटर की आठ परियोजनाएं एशियाई विकास बैंक के सहयोग से प्रदेश में प्रस्तावित हैं।
2019 के लोकसभा चुनाव में क्या आशा रखते हैं?
2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी की जनता 73 नहीं, सभी 80 सीटों पर कमल खिलाकर मोदी की झोली में डालेगी। यूपी ही नहीं पूरे देश के साथ दुनिया भी भारत के प्रधानमंत्री मोदी पर अटूट विश्वास है। यूपी की जनता के दिल में बसते हैं प्रधानमंत्री मोदी।
किन्तु विपक्षी तो आपके विरुद्ध एक हो रहे हैं?
विपक्षियों की करतूतों और कारनामों को देश की जनता जानती है। इनकी अवसरवादी, बांट करो-राज करो व देशद्रोही राजनीति से यूपी और देश की जनता परिचित है। जनता जनार्दन है, इनके झांसे में नहीं आने वाली है।
शेयर करें
पिछला लेखअब मोबाइल पर किसानों को देंगे अहम जानकारियां
अगला लेखजिन्ना की तस्वीर पर तकरार ठीक नहीं
राजेश कुमार तिवारी
पत्रकारिता एवं जनसंचार विज्ञान में परास्नातक। करीब 10 वर्ष पहले 'परमिता' शोध पत्रिका से शुरु​आत। दैनिक जागरण (जमशेदपुर) से नियमित पत्रकारिता। वर्ष 2008 में हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी से जुड़े। हिन्दुस्थान समाचार के करीब 10 विशेषांकों का संपादन। इन दिनों हिन्दुस्थान समाचार, बहुभाषी न्यूज एजेंसी में उत्तर प्रदेश के 'ब्यूरो प्रमुख' रूप में कार्यरत हैं।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here