हिमाचल के मंडी में ग्रेट खली की वर्ल्ड रेसलग एंटरटेनमेंट यानि डब्ल्यूडब्ल्यूई फाइट राजनीति के मैदान में फीकी पड़ गई। इस फाइट के लिए आर्थिक सहयोग देने को आतुर हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार विपक्षी दल कांग्रेस के विरोध के बाद बैकफुट पर आ गई। दरअसल ग्रेट खली सरकार से इस आयोजन के लिए करोड़ों रुपये की सहायता मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे जिन्हें निराशा हाथ लगी। मदद के नाम पर अधिकारियों पर दबाव बनाने की बात सामने आने के बाद विपक्ष के सवाल उठाने पर सरकार ने अपने हाथ पीछे खींच लिए।

हिमाचल प्रदेश की जयराम  सरकार ने भले ही विवादों के चलते इस इवेंट से किनारा कर लिया हो लेकिन जनता की नजरों में ग्रेट खली का यह  शो हिट रहा।

चंडीगढ़ के वीडियो के बाद हुई किरकिरी व प्रदेश सरकार की तरफ से आर्थिक सहयोग न मिलने के बाद खली बैकफुट पर आ गए। भले ही चार जुलाई को मंडी के ऐतिहासिक पड्डल मैदान में हुई फाइट ने जनता को तो जरूर रोमांचित किया लेकिन ग्रेट खली राजनीति के मैदान में मात खा गए। विवादों के चलते चार जुलाई को मंडी में आयोजित हुए इस इवेंट से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किनारा करना ही बेहतर समझा। गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने का कार्यक्रम था। उनकी गैर मोजूदगी में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने शो का शुभारंभ किया। इस दौरान मंडी संसदीय क्षेत्र से  सांसद रामस्वरूप शर्मा और खेल मंत्री गोविंद ठाकुर भी मौजूद रहे।

हिट रहा खली का शो

हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार ने भले ही विवादों के चलते इस इवेंट से किनारा कर लिया हो लेकिन जनता की नजरों में ग्रेट खली का यह  शो हिट रहा। मंडी की चमचमाती रोशनी के संग राखी सावंत और सपना चैधरी के लटकों-झटकों के बीच मंडी के ऐतिहासिक पड्डल में चार जुलाई को दि ग्रेट खली शो ने तमाम अटकलों और विवादों के बीच से गुजरते हुए हिमाचल में अपने सीडब्ल्यू शो की मंडी से सफल शुरुआत की। मंडी के पड्डल मैदान में अब तक के किसी भी इस तरह के आयोजन के सारे रिकॉर्ड टूट गए। ग्रेट खली के इस  शो को देखने के लिए उमड़ी भीड़ के आगे पड्डल मैदान छोटा पड़ गया। रिंग में देशी-विदेशी नामी रेसलर ने अपनी फाइट से जनता का खूब मनोरंजन किया। ऐतिहासिक पड्डल मैदान में पावर पैक द ग्रेट खली रिर्टनस रेसलिंग का चैंपियनशिप मैच का अंत रोमांचित करने वाला रहा। अंतिम क्षण में खली रिंग में उतारे, जिसकी बदौलत चैंपियनशिप बेल्ट फिर से शैंकी ने जीती। चैंपियनशिप मैच से पहले खली ने अपने शो में महिला रेसलर उतार दी। इससे चारों तरफ हूटिंग शुरू हो गई। पड्डल मैदान में महिला रेसलर का जलवा भी देखने को मिला। इस रिंग में  देशी पहलवानों ने भी अपने जलवे दिखाए और कई विदेशी पहलवानों को रिंग में पटखनी दी।

लेकिन सरकार के रवैये से ग्रेट खली निराश ही दिखे। शो  से पहले ग्रेट खली ने खुद यह कहा था कि अब मैं उस मोड़ पर हूं और न इधर का रहा न उधर का। प्रदेश के लोगों के साथ मैंने जो वादा किया था। वह मैं अपने खर्च पर पूरा करने जा रहा हूं। मैं अकेला पड़ गया हूं। गौरतलब है कि खली ने सरकार से खफा होकर कहा था कि वह न तो खुद रिंग में उतरेंगे और न ही महिला रेसलर लड़ेंगी। शो देखने के लिए अब कोई टिकट नहीं लगेगा।

उधर खेल मंत्री गोविंद ठाकुर ने कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री पर निशाना साधा है। मंत्री ने कहा कि अगर दम होता तो कांग्रेस शो करवाती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मामले को लेकर सियासत की है। जिला कांग्रेस कमेटी मंडी के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने रेसलिंग के आयोजन को लेकर प्रदेश सरकार की भूमिका पर कई सवाल खड़े कर दिये हैं। दीपक शर्मा ने कहा की जब ये खेल मान्यता प्राप्त खेल नहीं है तो राज्य सरकार ने इसके आयोजन के लिये वित्तीय सहायता देने हेतु कैबिनेट में एजेंडा क्यों लगाया ।   

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