में जो मध्‍य प्रदेश मिला था, वह बहुत बुरी हालत में था। राज्‍य में न ठीक से बिजली थी, न सड़क और न ही पानी की कोई समुचि‍त व्‍यवस्‍था ही थी। हमारा पहला कार्यकाल केवल प्रदेश को विकाशसील राज्‍य बनाने की तैयारियों में गया, जिसमें हमने सड़क बनवाने, बिजली, पानी की व्यवस्थाओं के साथ ही सामाजिक सरोकार की योजनाओं को शुरू करने पर अपना पूरा ध्‍यान केंद्रित किया। दूसरे कार्यकाल में हमने प्रदेश को विकासशील बनाने का काम आरंभ किया और तीसरे कार्यकाल में प्रदेश बीमारू राज्‍य से निकालकर विकासशील प्रदेशों की श्रेणी में आ खड़ा हुआ। किेंतु इस विकास से हम संतुष्‍ट नहीं हैं, हमारा लक्ष्य प्रदेश को समृद्ध राज्‍य बनाने का है। इसी स्‍वप्‍न को साकार करने के लिए हम मेहनत कर रहे हैं। हाल ही में प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए हिन्‍दुस्‍थान समाचार बहुभाषी न्‍यूज एजेंसी के विकास संवाद के आयोजन में ये सभी बातें मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही। भोपाल के समन्‍वय भवन में आयोजित विकास संवाद के आयोजन में मुख्‍यमंत्री शिवराज ने कहा जनता इस बार भी हमें आशीर्वाद देगी, इसके लिए मैं आश्वस्त हूं। जब भाजपा की सरकार को प्रदेश मिला था, तब प्रदेश की हालत बहुत खराब थी, लेकिन आज यह कोई नहीं कह सकता है। वास्तव में कांग्रेस ने गरीबी हटाओ के नाम पर देश की जनता को मूर्ख बनाने का काम किया है। इसके लिए सिर्फ गरीबी हटाओ का नारा दिया, गरीबी हटाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। कांग्रेस के जमाने में 21 हजार करोड़ का कुल बजट हुआ करता था किंतु वर्तमान में हमारा बजट ढाई लाख करोड़ का है। सही पूछिए तो प्रदेश सरकार का कार्यकाल विकास की यात्रा है। सबको बुनियादी आवश्यक सुविधाएं, विकास के समान अवसर और संसाधन उपलब्ध हों, इसकी कोशिश लगातार हो रही है। देश की बहुभाषीय न्यूज एजेंसी ‘हिन्दुस्थान समाचार’ द्वारा मध्य प्रदेश के विकास पर केंद्रित ‘मध्य प्रदेश विकास संवाद’ कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संवाद के इस आयोजन में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं सांसद प्रभात झा, जनसंपर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष राघवेन्द्र गौतम, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश उपासने, अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज, हिन्दुस्थान समाचार बहुभाषी संवाद समिति के उपाध्यक्ष अरविन्द मार्डीकर, सीईओ समीर कुमार उपस्थित रहें।.

भोपाल में 21 जुलाई को संपंन हुए मध्य प्रदेश विकास संवाद में प्रदेश के सरोकारों, विकासशील कार्यक्रम और भावी योजनाओं के बारे में चर्चा हुई। हिन्‍दुस्‍थान समाचार बहुभाषी न्‍यूज एजेंसी के विकास संवाद के इस आयोजन में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान सहित कई मंत्रियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

उत्पादन लगभग दोगुना हुआ

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश की सत्ता में आई, तो मध्य प्रदेश बीमारू राज्य था। यहां सड़कें थीं ही नहीं और जो थीं वे भी मिट्टी हो गई थीं। लोगों ने बसों का सफर करना छोड़ दिया था। अब मामला बिलकुल उल्टा है। विकास की यात्रा ने प्रदेश को बदला है। शानदार सड़कें हैं। वर्ष 2003 में विद्युत उत्पादन 2,900 यूनिट था, जो बढ़कर 18,364 मेगावॉट हो गया है। आजादी के बाद वर्ष 2003 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता कुल साढ़े सात लाख हेक्टेयर थी, हमने इसे 40 लाख हेक्टेयर कर लिया है और 80 लाख हेक्टेयर करने का रोडमैप तैयार है। कृषि में विगत पांच वर्षों से औसतन 20 प्रतिशत के लगभग वृद्धि दर बनी हुई है, इससे उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना में 17 लाख मकान बन रहे हैं। चीन, अमेरिका के संबंधों में तनाव के दृष्टिगत चीन में प्रदेश के सोयाबीन को बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में भी मध्य प्रदेश अग्रणी है। प्रदेश के इंदौर और भोपाल शहर लगातार दो वर्षों से स्वच्छता में प्रथम दो स्थानों पर रहे हैं। निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है।

विकास की हमारी दृष्टि स्पष्ट

शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्य प्रदेश में राज्य सरकार का विकास का विजन स्पष्ट है। विकास की अवधारणा सड़क, पुल-पुलियों और अन्य निर्माण तक ही सीमित नहीं है। आम लोगों की जिन्दगी को खुशहाल बनाना और विकास का प्रकाश हर घर तक पहुंचाना राज्य सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने उनके द्वारा प्रदेश की सड़कों को अमेरिका से अच्छा बताए जाने पर विपक्ष की आलोचना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अपने देश-प्रदेश पर उन्हें गर्व है। उनके लिए सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां है। गुलाम मानसिकता वाले ही इंग्लैंड, अमेरिका को अच्छा कह सकते हैं। गरीब को संबल देने का प्रयास मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना में किया गया है। इसके अंतर्गत हर गरीब को रहने की भूमि का टुकड़ा, पक्का मकान, आर्थिक रूप से कमजोर को नि:शुल्क शिक्षा, 60 वर्ष से कम की उम्र में मृत्यु पर दो से चार लाख की अनुग्रह राशि, अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपये और गर्भधारण और प्रसूति सहायता के रूप में चार और बारह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कोख से लेकर अंतिम संस्कार तक सरकार प्रदेश के हर गरीब के साथ खड़ी है।

प्रिंट एवं इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया का विश्‍वास

विकास संवाद के इस आयोजन के द्वितीय सत्र में जनसंपर्क एवं जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया और सोशल मीडिया के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया बहुत तेज है, लेकिन प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की तुलना में उसकी विश्वसनीयता कम है। राष्ट्रभाषा हिन्दी में समाचारों के प्रवाह का कार्य करने वाली संवाद समिति हिन्दुस्‍थान समाचार ने अपनी भूमिका से विश्वसनीयता अर्जित की है। आज समाचार की विश्वसनीयता को कायम रखना आवश्यक है। विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के दौर में यह और भी जरूरी हो गया है। ऐसे में संवाद एजेंसी हिन्‍दुस्‍थान समाचार के विश्‍वसनीयता के साथ न्यूज प्रेषणीय कार्य की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम ही होगी। उन्‍होंने कहा है कि वर्तमान परिवेश में पत्रकारों पर प्रमाणिक समाचार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए काम

असंगठित कामगार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुल्तानसिंह शेखावत ने प्रदेश में श्रमिकों की स्थिति पर गंभीर चर्चा करते हुए विमर्श के दौरान कहा कि मध्‍य प्रदेश में कुल श्रमिकों में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। इस वर्ग के कल्याण के लिए राज्‍य में भाजपा सरकार के आने के पूर्व कोई ठोस योजना नहीं थी। लेकिन जब यहां भाजपा की सरकार बनी तब इस क्षेत्र की समस्‍याओं पर गंभीरता से विचार आरंभ हुआ। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्‍याण के लिए प्रदेश सरकार ने कई नई पहल आरंभ कीं और अनेक प्रभावी कदम उठाए। इसका सार्थक परिणाम आज जमीन पर दिखाई दे रहा है।

22000 ग्रामों तक पहुंची जनअभियान परिषद

जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष राघवेंद्र गौतम ने कहा कि प्रदेश में जल और पर्यावरण संरक्षण की अनेक परियोजनाएं जन सहयोग से जन अभियान परिषद द्वारा चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मां नर्मदा को हरियाली चुनरी ओढ़ाने के लिये 6 करोड़ पौधों का रोपण समाज के माध्यम से किया गया है। गौतम का कहना था कि स्‍वैच्छिक संगठन समाज के प्रमुख अंग हैं, जो समाज के चहुमुखी विकास के लिये कृतसंकल्पित होकर विकास की नई परिभाषाएं गढ़ रहे हैं। परिषद ने शासन व समाज के मध्यम सेतु का कार्य करते हुए स्‍वैच्छिक भाव से कार्य करने वाले लोगों को तैयार किया है। जिनके द्वारा प्रदेश के गांव-गांव में सामूहिकता एवं सहभागिता से आओ बनाएं अपना मध्य प्रदेश के नौ बिंदुओं पर महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि इस अभियान से जुड़कर आज ग्रामीणजन भी अपनी जरूरत अपने कार्य की तर्ज पर सामूहिकता के भाव का संदेश दे रहे हैं। वहीं परिषद द्वारा गठित एवं पोषित प्रस्फुटन और नवांकुर समितियां भी अपने कार्यों के माध्यम से लोगों में स्वैच्छिकता का भाव जागृत करने में सफल हो रही हैं। वर्तमान में परिषद की पहुंच प्रदेश के लगभग 22 हजार गांवों तक हो चुकी है। प्रयास है कि प्रदेश के सम्पूर्ण ग्रामों में परिषद की पहुंच हो और आमजन के माध्‍यम से प्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।  कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज ने कहा कि अपनी मातृभाषा का तिरस्कार करके कोई देश विकास नहीं कर सकता। उन्होंने विकास में हिन्दी की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि अंग्रेजी न आने के कारण प्रदेश के सुशिक्षित युवाओं को कुंठित न होना पड़े, उनके लिए भी रोजगार के वैसे ही अवसर उपलब्ध हों, जैसे अंग्रेजी भाषी युवाओं के लिए उपलब्ध हैं, इसी उद्देश्य से अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय काम कर रहा है।

‘‘खुद को खुदा मानता मीडिया’’

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश उपासने ने दलाली, लायजनिंग करने वाले पत्रकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सोशल मीडिया ने उनकी धज्जियां उड़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले सालों में सोशियल या डिजिटल मीडिया ने काफी विकास किया है। इस डिजिटल मीडिया ने देश के लोगों को इतनी ताकत दी है कि वे बड़े-बड़े नामचीन पत्रकारों और संपादकों को नकार सकें। लेकिन इस मीडिया के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता है। उन्होंने देश-प्रदेश के विकास में पत्रकारिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी की पत्रकारिता को शुद्ध और टकसाली पत्रकारिता बताया। उन्होंने मध्य प्रदेश की पत्रकारिता को संस्कारित बताते हुए कहा कि यहां की पत्रकारिता ने इमरजेंसी के दिनों में भी अपनी गरिमा को बनाए रखने का पुरजोर प्रयास किया। मध्य प्रदेश में पत्रकारिता के लिए उपलब्ध वातावरण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में पत्रकारों को किसी भी तरह के सरकारी दबाव का सामना नहीं करना पड़ता।

हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी के उपाध्यक्ष अरविन्द मार्डीकर ने बताया कि हिन्दुस्थान समाचार की स्थापना बहुभाषी समाचार सेवा की आवश्यकता के दृष्टिगत वर्ष 1948 में दादा साहब आप्टे ने की थी। इसका वर्ष 2002 में श्रीकांत जोशी ने पुनरुत्थान किया।

वर्तमान स्वरूप में यह हमारे अध्‍यक्ष रविन्‍द्र किशोर सिन्‍हा जी के सफल मार्गदर्शन में वर्ष 2016 से तीव्र गति से प्रगतिरत है। उन्होंने सभी अतिथियों को स्मृतिचिह्र भेंट कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर संस्‍थान के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) समीर कुमार ने सभी अतिथियों एवं विकास संवाद कार्यक्रम में सहभागी संस्थाओं के प्रति आभार प्रकट किया।

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