पूरा हुआ वादा

भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहां की साठ फीसदी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। देश की जनसंख्या का सबसे बड़ा हिस्सा होने के कारण हर राजनीतिक...

कौन हैं ये कॉरपोरेट जगत के नायक को बदनाम करने वाले?

निश्चित रूप से अभी एक बेहद खतरनाक और विषाक्त दौर चल रहा है। कुछ शक्तियां धर्म और साम्प्रदायिकता की आड़ में देश में नफरत की फसल बोने...

पत्थरबाजों की जगह कब्रगाह ही हो!

अपने को इस्लाम का सच्चा अनुयायी कहने-बताने वाले आतंकवादी हत्यारे कश्मीर में रमजान के पवित्र महीने में भी खून-खराबा करने से बाज नहीं आए। ये पत्थरबाजी करते...

फीफा विश्व कप – भारत क्यों करे ब्राजील – ब्राजील

गरीब-गुरुबा का खेल, गावों में लोकप्रिय फुटबॉल की सबसे बड़ी चैंपियनशिप 14 जून से रूस में शुरू हो चुकी है। यह फीफा विश्व कप फुटबॉल चैंपियनशिप के...

कॉलेजों को मिलें स्थायी शिक्षक

अब देशभर के कॉलेजों में नए सत्र के लिए विद्यार्थियों के दाखिले की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। प्रमुख विश्वविद्यालयों के नामवर कॉलेजों में दाखिला लेने के...

सामाजिक समरसता के सिपाही

27 मई, 2018 को हिन्दुस्थान समाचार समूह की महाप्रबंधक (प्रशासन) रत्ना सिन्हा के पिता और जमशेदपुर के कोआॅपरेटिव कॉलेज में वाणिज्य के विभागाध्यक्ष रहे प्रो. सचिन्द्र किशोर...

कौन काम नहीं करने दे रहा है सरकारी कर्मियों को

सरकारी कर्मचारी डर के साये में रहकर तो कुछ नहीं कर सकेंगे। देश में अव्यवस्था और अराजकता फैलाने का अधिकार किसी को नहीं दिया जा सकता। कानून...

अपनी कब्र खोदते पत्थरबाज

कश्मीर में पत्थरबाज सुरक्षाबलों पर पथराव करते करते स्कूली बच्चों और पर्यटकों को भी निशाना बनाने लगे हैं। माना जाता था कि कश्मीरी जनता पर्यटकों का दिल...

भारत के पीछे क्यों आ रहे इस्लामिक देश

मुस्लिम देशों के संगठन आॅर्गेनाइजेशन आॅफ इस्लामिक कोआॅपरेशन के 57 सदस्य देश हैं। भारत के ओआईसी से किसी भी रूप में जुड़ने से इसको लाभ ही होगा।   हाल...

वुहान से सियोल तक शांति वार्ताएं सबक ले पाक

पाकिस्तान का कमोबेश अपने सभी पड़ोसियों से ही पंगा है। सब उससे दुखी हैं। पर वो सिर्फ चीन से दोस्ती करके खुश है। वह चीन भी अब...

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