सिद्धांत पर अटल सोमनाथ दा

भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता सोमनाथ चटर्जी देश के पहले ऐसे वामपंथी नेता थे, जो लोकसभा अध्यक्ष बने। दस बार सांसद बने सोमनाथ चटर्जी अपने पूरे राजनीतिक...

पार्षद से राज्यपाल तक का सफर

स्वतंत्रता दिवस के ठीक एक दिन पहले छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रहे बलराम दास टंडन का दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया। बलराम दास...

मौत जिंदगी से बड़ी हो गई

जीवन की ढलने लगी सांझ, उमर घट गई, डगर कट गई...। जीवन की सच्चाई बयां करती ये पंक्तियां हैं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की।...

‘लौटकर आऊंगा कूच से क्यों डरूं’

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सशरीर नहीं रहने के बाद देश-दुनिया में उनको जिस तरह से याद किया जा रहा है, वह उनकी अपार लोकप्रियता का...

संकल्प और विश्वास भरा व्यक्तित्व!

बांद्रा कुर्ला स्टेडियम में 28-30 दिसम्बर 1980 को बीजेपी का पहला अधिवेशन हो रहा था। इस अधिवेशन के लिए टेन्ट में एक अलग नगर बसाया गया जिसे...

अहिंसा की प्रयोगस्थली साबरमती आश्रम

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश में अपना कोई मकान नहीं बनाया, लेकिन उन्होंने कई आश्रम जरूर बनाएं। उनके आश्रम स्वतंत्रता आंदोलन के केंद्र बने और समतामूलक समाज...

सोने से भर दी गांधी की झोली

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कहने पर आजादी की लड़ाई के दिनों में लाखों महिलाओं ने गहने नहीं पहनने का फैसला किया था। नमक सत्याग्रह के बाद हरिजन...

महिला शक्ति को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा

महात्मा गांधी महिलाओं को रूढ़ियों और कुप्रथाओं से मुक्त करने और स्वतंत्र रूप से व्यक्तित्व विकास के हिमायती रहे हैं। गांधी ने महिलाओं के हक में जोरदार...

गांधी ने चरखे को दिया जीवनदान

महात्मा गांधी की बात हो और चरखे की बात न चले, यह अधूरा सा लगता है। चरखे को हथियार बनाकर ही देश की स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी...

मंदिरों में महात्मा गांधी

गांधी मंदिरों की यह विशेषता है कि यहां भले गांधी भगवान की तरह पूजे जाते हैं, पर साथ ही यहां आने वाले हर आगंतुक को गांधी के...

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