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कैसे रुके संवैधानिक व्यवस्थाओं पर सवाल?

देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था के सामने फरियाद आने पर उसकी सुनवाई होगी ही। सवाल तो यह है कि संविधान ने ही जिन पदों को कोर्ट के...

माकपा पोलित ब्यूरो ‘फिर पीछे रहे दलित’

दलित, मजदूर और किसानों के लिए संघर्ष करने का दम भरने वाली माकपा की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था में एक भी दलित नहीं है और यह आज...

चुनावी मूड सब पर भारी

बजट सत्र का दूसरा चरण पांच मार्च से शुरू होगा जिसकी रूपरेखा पर विचार हो चुका है। इस चरण में सत्ता पक्ष का जोर कुछ ऐसे रुके...

अब रामराज्य रथयात्रा!

रामराज्य रथयात्रा छह राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु से होकर गुजरेगी और 41 दिनों का सफर तय कर रामनवमी के दिन तमिलनाडु...

कहां से मिलता है दलों को धन?

राष्ट्रीय दलों की आय का अधिकांश हिस्सा अज्ञात स्त्रोतों से मिलता है। इसके चलते चुनाव में पारदर्शिता और चंदों की जांच संभव नहीं हो पाती। हालांकि इस...

औंधे मुंह गिरे चुनाव विरोधी तंत्र

कुछ संगठनों द्वारा ‘सोल्यूशन बिफोर एलेक्शन’ का नारा देते हुए नगालैंड में चुनावों का विरोध किया जा रहा था, वह अब खत्म हो गया है। राज्य में...

विकास विरोधी होने की तोहमत

मुख्य मुकाबला कांग्रेस, एनपीपी, भाजपा, एनसीपी, यूडीपी समेत अन्य कई क्षेत्रीय पार्टियों के बीच होने वाला है। वहीं काफी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव में अपनी...

साम्यवाद के नाम पर जातिवाद

त्रिपुरा चुनाव में वामपंथ और दक्षिणपंथ के बीच का मुकाबला रोमांचक होता जा रहा है। मतदाता दोनों ही पक्षों को सुन रहे हैं। वे इसी के अनुसार...

एक साथ चुनाव : लोकतंत्र के पटरी पर आने का रास्ता

लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने को लेकर देश मेंएक बहस का माहौल बना हुआ है। कुछ इसके पक्ष में हैं और कुछ इसके विपक्ष...

असम जैसी स्थिति दोहराने की ताक में भाजपा

नगालैंड विधानसभा चुनाव के समीकरण काफी तेजी से बदल रहे हैं। पूर्वोत्तर के एक राज्य में सरकार बना चुकी भारतीय जनता पार्टी के लिए असम जैसे ही...

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