अन्नदाता ही क्यों अन्नदात्री क्यों नहीं

देश में चाहे मानसून की बात हो, या सूखे की, किसान का मतलब पुरुष किसान से ही होता है। अखबारों में भी अन्नदाता के रूप में हल...

भारत में महिलाएं कितनी सुरक्षित?

सुनने में बड़ा ही अजीब लगता है, लेकिन यह एक सच है कि भारत को महिलाओं के लिए दुनिया का सबसे खतरनाक और असुरक्षित देश माना गया...

यह तमाशा नहीं सौंदर्य प्रतियोगिता है!

हम अब और अपने प्रतियोगियों को उनके शारीरिक मापदंडों के अनुसार जज नहीं कर सकते। यह सौंदर्य तमाशा नहीं, प्रतियोगिता है।’ मिस अमेरिका प्रतियोगिता से स्विमिंग सूट...

पानी के लिए ‘वाटर वाइफ’

कहते हैं कि तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिए होगा। तीसरे विश्व युद्ध का इंतजार किए बिना देश की अधिसंख्य महिलाएं रोज ही पानी के लिए युद्धस्तर...

चुप्पी तोड़ने का हासिल

25 मई को हॉलीवुड के शहंशाह हार्वे विंस्टीन ने खुद को न्यूयार्क पुलिस के हवाले कर दिया। यह एक ऐसी खबर है जिसने अन्याय के खिलाफ मुंह...

बेटियों का समुद्र मंथन

एक नाव, छह  महिलाएं और अथाह समुद्र। आठ महीने से अधिक समुद्र की सभी तरह की कठिनाइयों को झेलकर सकुशल ज्ञान बटोरकर वापस आईं जांबाज महिला नेवी...

क्या रेणुका झूठ बोल रही हैं?

राजनीति में कास्टिंग काउच की बात से चाहे देश की राजनीति में तूफान न आया हो, पर बात बहसतलब जरूर बन गई है। इस मुद्दे पर महिला...

क्या कास्टिंग काउच मंगल ग्रह की बात है!

फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच वह स्याह सच है, जिससे इंकार नहीं किया जा सकता है। श्री ने इसे कह कर, सिर्फ पर्दा उठाया है। इसे उनका...

महिलाओं के साथ ‘कॉरपोरेट’ भेदभाव

भारतीय समाज में महिलाओं के साथ भेदभाव होने की बात लंबे समय से कही जाती रही है। सरकार की तमाम कोशिशों और दावों के बावजूद आज भी...

# मीटू : टूट रही चुपी

अपने साथ हुई यौन उत्पीड़न पर बात करना महिलाओं के लिए सबसे मुश्किल चीज होती है। यही कारण होता है कि ऐसे अपराधी लोग हमारे बीच में रहकर...

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