
काठमांडू, 10 जनवरी (हि.स.)। सुशीला कार्की की सरकार से इस्तीफा देने वाले पूर्व ऊर्जा मंत्री कुलमान घीसिंग ने रवि लामिछाने और बालेन के साथ अपनी 12 दिन पुरानी पार्टी एकता को भंग कर दिया है।
शनिवार शाम को पत्रकार सम्मेलन करते हुए घीसिंग ने कहा कि राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के साथ हुए पार्टी एकता के अध्याय को यहीं समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने अपने नेतृत्व में बनाए गए उज्यालो नेपाल पार्टी की दोबारा कमान संभाल ली है।
राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने स्वीकार किया है कि कुलमान घिसिङ के नेतृत्व वाली उज्यालो नेपाल पार्टी के साथ किया गया एकता समझौता बचाए रखने में वह असफल रहे।
शनिवार दोपहर आयोजित पार्टी सचिवालय की आपात बैठक को जानकारी देते हुए लामिछाने ने कहा कि एकता समझौते को कायम रखने के लिए उन्होंने पूरा लचीलापन दिखाया, लेकिन अंततः यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
शुक्रवार को लामिछाने और घिसिंग के बीच एक घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई थी। इसके बाद शनिवार को अंतिम और निर्णायक दौर की वार्ता हुई, जिसमें काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बालेन शाह भी शामिल थे। हालांकि, यह बातचीत भी विफल हो गई और 29 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षरित एकता समझौता टूट गया।
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रवक्ता मनीष झा ने बताया कि वार्ता के दौरान घिसिंग ने कई मांगें रखी थीं, जिनमें पार्टी के पदानुक्रम में उनकी भूमिका, राजनीतिक विचारधारा, अपने समूह के लिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व की गारंटी सीटें तथा अपने खेमे से 33 केंद्रीय समिति सदस्यों को शामिल करने की शर्तें प्रमुख थीं।
इसके अलावा घिसिंग ने पार्टी का नाम बदलने का प्रस्ताव भी रखा, जिससे बातचीत और अधिक जटिल हो गई।
प्रवक्ता झा ने बताया कि लामिछाने ने निष्कर्ष निकाला कि बातचीत बहुत आगे बढ़ चुकी है और घिसिङ की शर्तों को स्वीकार करना संभव नहीं है। इसी निर्णय के साथ एकता समझौते के टूटने का रास्ता साफ हो गया।
सिर्फ 12 दिनों में ही एकता समझौता विफल होने के बाद, घिसिङ शनिवार शाम औपचारिक रूप से उज्यालो नेपाल पार्टी के अध्यक्ष का पद संभालने वाले हैं। पार्टी ने शाम 6 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर घिसिङ को नया अध्यक्ष घोषित करने की घोषणा की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास