गैबियन टेक्नोलॉजी की स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री, लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली के कारण लगा लोअर सर्किट

युगवार्ता    13-Jan-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। स्टील गैबियंस का निर्माण करने वाली कंपनी गैबियन टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 81 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 9.88 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 89 रुपये के स्तर पर हुई। हालांकि लिस्टिंग के बाद निवेशकों को तब झटका लगा, जब बिकववाली के दबाव में इस इस शेयर की चाल में गिरावट आ गई। लिस्टिंग होने के बाद से ही मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण कंपनी के शेयर सुबह 10 बजे तक लुढ़क कर 84.55 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। लोअर सर्किट लगने के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशक आज 4.38 प्रतिशत के फायदे में हैं।

गैबियन टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड का 29.16 करोड़ रुपये का आईपीओ 6 से 8 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 826 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 271.13 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1,476.78 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 867.23 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 36 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नए प्लांट और मशीनरी की खरीदारी करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 3.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5.82 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 6.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में नवंबर 2025 के अंत तक कंपनी को 4.30 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 78.88 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 104.97 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 101.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 नवंबर 2025 तक कंपनी को 60.66 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 29.46 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 36.37 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 46.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में नवंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 52.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 7.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 13.71 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 12.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 30 नवंबर 2025 तक ये 16.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 6.39 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 13.16 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 15.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 30 नवंबर 2025 तक ये 10.76 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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