देश को जल्द मिलेगी 9 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात, पश्चिम बंगाल को सबसे अधिक लाभ

युगवार्ता    13-Jan-2026
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अमृत भारत ट्रेन की यह तस्वीर एक्स पर साझा की है


नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को घोषणा की है कि भारतीय रेलवे जल्द ही 9 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेगा। रेल मंत्री द्वारा घोषित रूटों के अनुसार, 9 में से 7 अमृत भारत एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल से शुरू होंगी या पश्चिम बंगाल को जोड़ेंगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट साझा कर इन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के प्रस्तावित रूटों की जानकारी दी है। असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र को दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिलेंगी। इनमें पहली ट्रेन कामाख्या (असम) से रोहतक (हरियाणा) के बीच चलेगी, जिससे पूर्वोत्तर का सीधा संपर्क हरियाणा और उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों से स्थापित होगा। दूसरी ट्रेन डिब्रूगढ़ (असम) से लखनऊ (उत्तर प्रदेश) को जोड़ेगी, जिससे असम का संपर्क उत्तर प्रदेश जैसे बड़े आबादी वाले राज्य से मजबूत होगा।

घोषित ट्रेनों में पश्चिम बंगाल को सबसे अधिक लाभ मिलने जा रहा है। कुल मिलाकर बंगाल से या बंगाल होकर सात से अधिक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें न्यू जलपाईगुड़ी से तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली और न्यू जलपाईगुड़ी से नागरकोइल तक दो लंबी दूरी की ट्रेनें शामिल हैं, जो पूर्वी भारत को सीधे दक्षिण भारत से जोड़ेंगी। इसके अलावा अलीपुरद्वार से एसएमवीटी बेंगलुरु (कर्नाटक) और अलीपुरद्वार से मुंबई/पनवेल (महाराष्ट्र) के बीच भी अमृत भारत एक्सप्रेस चलेगी, जिससे बंगाल का संपर्क देश के आईटी और आर्थिक केंद्रों से होगा।

पश्चिम बंगाल से दक्षिण भारत को जोड़ने वाली एक अन्य महत्वपूर्ण सेवा कोलकाता (संतरागाछी) से तांबरम (तमिलनाडु) के बीच प्रस्तावित है। वहीं, हावड़ा (कोलकाता) से आनंद विहार टर्मिनल (नई दिल्ली) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू होने से पूर्वी भारत और राष्ट्रीय राजधानी के बीच सीधी और तेज रेल सेवा उपलब्ध होगी। इसके अलावा सियालदह (कोलकाता) से बनारस (उत्तर प्रदेश) के बीच प्रस्तावित ट्रेन से धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों का आपसी संपर्क मजबूत होगा।

घोषित रूटों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि इन नई सेवाओं का सबसे अधिक लाभ पश्चिम बंगाल को मिला है, जबकि असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के साथ-साथ उत्तर, दक्षिण और पश्चिम भारत के कई राज्यों की रेल कनेक्टिविटी भी सुदृढ़ होगी।

इन रूटों के जरिए पश्चिम बंगाल का सीधा रेल संपर्क दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल), उत्तर प्रदेश (बनारस), महाराष्ट्र (मुंबई/पनवेल), कर्नाटक (एसएमवीटी बेंगलुरु) और तमिलनाडु (तिरुचिरापल्ली, नागरकोइल और तांबरम) से स्थापित होगा। इससे राज्य का संपर्क उत्तर, दक्षिण और पश्चिम भारत के प्रमुख शहरी व आर्थिक केंद्रों से और मजबूत होगा।

घोषित रूटों में पूर्वोत्तर और असम को भी अहम कनेक्टिविटी मिली है। कामाख्या (असम)–रोहतक (हरियाणा) और डिब्रूगढ़ (असम)–लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के बीच प्रस्तावित अमृत भारत एक्सप्रेस से पूर्वोत्तर क्षेत्र का सीधा संपर्क उत्तर भारत से स्थापित होगा, जिससे क्षेत्रीय आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इन रूटों के माध्यम से पश्चिम बंगाल, असम, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु आपस में सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे। घोषित कनेक्टिविटी से संकेत मिलता है कि रेलवे पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने पर विशेष जोर दे रहा है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन और संपर्क को मजबूती मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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