(लीड) मध्य प्रदेश की स्पेस टेक नीति लॉन्च, एआई-अंतरिक्ष नवाचार को सरकार ने दी नई उड़ान

युगवार्ता    15-Jan-2026
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 में स्पेस-टेक पॉलिसी लॉन्च की


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 को संबोधित किया


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 में शासन और निवेशकों के मध्य एमओयू का आदान-प्रदान हुआ


भोपाल, 15 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. माेहन यादव ने प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार को स्पेस टेक नीति लॉन्च कर के एआई-अंतरिक्ष नवाचार को नई उड़ान दी है।

मुख्यमंत्री डा. यादव आज भोपाल के ताज लेक फ्रंट में आयोजित ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026’ को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि यह तकनीकी विमर्श का मंच बनने के साथ ही डिजिटल और वैज्ञानिक भविष्य की दिशा तय करने वाला ऐतिहासिक अवसर भी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि यह नीति मध्य प्रदेश को भारत के उभरते अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी, नवाचार-आधारित और भविष्य-उन्मुख राज्य के रूप में स्थापित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष तकनीक अब रॉकेट और उपग्रहों तक सीमित नहीं रही है, इसका सीधा प्रभाव आम नागरिक के जीवन पर पड़ रहा है। नई स्पेस टेक नीति के तहत प्रदेश में स्पेस टेक स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई और उद्योगों को वित्तीय, अवसंरचनात्मक और अनुसंधान सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य कृषि, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन प्रबंधन, शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे क्षेत्रों में अंतरिक्ष आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा देना है।

उन्‍होंने कहा कि यह नीति निवेश आकर्षित करेगी, नवाचार को प्रोत्साहित करेगी और राष्ट्रीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में मध्य प्रदेश की भूमिका को सशक्त बनाएगी। कॉन्फ्रेंस में नवाचार और कौशल विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौते भी किए गए। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा यंगोवेटर (आंसर फाउंडेशन), सीईईडब्ल्यू, गूगल, नैसकॉम, एआईएसईसीटी और भाषिणी के साथ छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।

इन एमओयू का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार और रोबोटिक्स को बढ़ावा देना, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में एआई आधारित शोध एवं निर्णय समर्थन प्रणाली विकसित करना, शासकीय विभागों में एआई और क्लाउड तकनीकों के उपयोग को बढ़ाना और राज्य में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के माध्यम से कौशल विकास को नई दिशा देना शामिल है।

इसके साथ ही ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता एवं एआई जागरूकता बढ़ाने तथा एआई आधारित शासन को सशक्त बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। वहीं, इंडिया एआई मिशन और मध्यप्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन भी हुआ। इस एमओयू के तहत उच्च गुणवत्ता वाली एआई शिक्षा को व्यापक बनाने के लिए देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में 570 डेटा और एआई लैब्स स्थापित करने की योजना है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश में 30 डेटा एवं एआई लैब्स की स्थापना की जाएगी, जिससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कॉन्फ्रेंस के दौरान मध्य प्रदेश इनोवेशन एक्सपो का भी शुभारंभ किया गया, जो प्रदेश की तकनीकी क्षमताओं और नवाचारों का जीवंत प्रदर्शन बना। एक्सपो में इंडिया एआई पवेलियन, मध्यप्रदेश पवेलियन और स्टार्ट-अप शोकेस शामिल रहे। मध्यप्रदेश पवेलियन में राज्य सरकार की एआई आधारित नवाचार पहलों को प्रदर्शित किया गया, जिनका उद्देश्य शासन को अधिक सटीक, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाना है।

राजस्व विभाग द्वारा विकसित एसएएआरए-डीसीएस ऐप के माध्यम से एआई का उपयोग कर फसल छवियों की वास्तविक समय में गुणवत्ता जांच की जा रही है। मनरेगा के तहत एआई संचालित जिला प्रदर्शन रिपोर्ट प्रणाली से डेटा आधारित निर्णय लेना आसान हुआ है। कृषि विभाग की AGRIGIS प्रणाली फसल पूर्वानुमान, फसल स्वास्थ्य निगरानी और बीमा दावा निपटान को अधिक प्रभावी बना रही है। दूसरी ओर श्रम विभाग की एआई सक्षम एलसीएमएस प्रणाली केस प्रबंधन और न्यायिक प्रक्रियाओं को स्वचालित कर रही है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपनाई गई एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग से अपराध नियंत्रण, जांच दक्षता और नागरिक सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।

कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय एआई साक्षरता कार्यक्रम पर आधारित एक विशेष वीडियो का भी प्रदर्शन किया गया। इसमें बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सरकार एआई साक्षरता को नागरिकों और कार्यबल के लिए एक मूलभूत जीवन कौशल के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी लक्ष्य के तहत ‘युवा एआई फॉर ऑल’ राष्ट्रीय अभियान शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को एआई के प्रति जागरूक बनाना और आवश्यक तकनीकी कौशल से सशक्त करना है। ग्रामीण क्षेत्रों तक इस संदेश को पहुंचाने के लिए कौशल रथ जैसी पहलें की जा रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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