
उपराष्ट्रपति ने काेयंबटूर में एक निजी अस्पताल में न्यूरोलॉजी और ओपीडी सेवा के नए भवन का किया उद्घाटन
कोयंबटूर, 15 जनवरी (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि कामकाज से उत्पन्न होने वाला मानसिक तनाव तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, ऐसा डॉक्टरों ने बताया है।
कोयंबटूर के सित्रा क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल परिसर में न्यूरोलॉजी उपचार और ओपीडी सेवाओं के लिए नए भवन के उद्घाटन तथा स्नातकोत्तर विभाग के शुभारंभ समारोह काे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने संबाेधित किया। नए भवन का उद्घाटन करने के बाद उपराष्ट्रपति ने अस्पताल की अत्याधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया।
इस माैके पर उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘थाई जन्मे तो रास्ता खुले’ कहावत के अनुरूप, इस थाई त्योहार के दिन चिकित्सा जगत में एक नई क्रांति के रूप में इस अस्पताल में न्यूरोलॉजी उपचार के लिए नया भवन उद्घाटित किया गया है। उन्हाेंने कहा कि
नल्ला पलानीसामी एक साधारण गांव में जन्म लेकर अमेरिका में चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद 200 बिस्तरों के साथ इस अस्पताल की शुरुआत की थी। आज इस अस्पताल में दाे हजार से अधिक बिस्तर हैं। अमेरिका सहित विश्व के विभिन्न देशों में चिकित्सा क्षेत्र में प्रस्तुत की जाने वाली आधुनिक तकनीकों को यह अस्पताल अपनाता है। इसके अलावा, मानव मस्तिष्क में वसा जमाव की जांच और उपचार के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से पीईटी स्कैन मशीन अस्पताल में स्थापित की जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा,
“विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया की 40 प्रतिशत आबादी किसी न किसी न्यूरोलॉजिकल समस्या से प्रभावित है। इसलिए न्यूरोलॉजी उपचार में विश्व स्तरीय जांच और उपचार पद्धतियों की आवश्यकता है। भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना है। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि कामकाज से उत्पन्न मानसिक तनाव तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।”
उन्होंने कहा कि लोगों को स्वस्थ जीवन प्रदान करने के लिए निजी और सरकारी अस्पतालों का प्रभावी रूप से कार्य करना आवश्यक है। गरीबों के कल्याण के प्रति संवेदनशील प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 2014 से पहले जहां स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट 37 हजार करोड़ रुपये था, वहीं 2025–26 में इसे बढ़ाकर 98 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्हाेंने कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत 50 करोड़ लोग मुफ्त स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठा रहे हैं। देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में डेढ़ लाख से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां मानसिक स्वास्थ्य, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों का प्रारंभिक स्तर पर इलाज किया जा रहा है।
सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि डॉक्टरों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। 2014 से चिकित्सा शिक्षा में सीटों की संख्या में वृद्धि हुई है। 2014 से पहले जहां स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटें केवल 36 हजार थीं, वहीं अब 70 हजार से अधिक सीटें उपलब्ध हैं। प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री मोदी कार्य कर रहे हैं।
इस कार्यक्रम में एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री एसपी वेलुमणि, करुप्पण्णन सहित कई राजनीतिक हस्तियां और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV