


— रामनगरी में रामलला को लगा खिचड़ी का भोग
— गाेरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी ने की पूजा
लखनऊ, 15 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति का पर्व गुरुवार काे आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। रामनगरी अयोध्या, प्रयागराज के माघ मेले से लेकर काशी के घाटों पर एकादशी से शुरु हुआ श्रद्धालुओं का पुण्य स्नान देर शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद दान कर पुण्य कमाया। प्रयागराज में दाेपहर दाे बजे तक है कि माघ मेले में 72 लाख लाेगाें से अधिक लाेगाें ने स्नान किया। योगी सरकार ने आज 15 जनवरी को मकर संक्रांति का अवकाश भी घोषित कर रखा था।
मकर संक्रांति पर्व पर आज रामनगरी अयोध्या में श्रद्धा और आस्था अद्भुत संगम देखने को मिला। आस्था पर कड़ाके की ठंड का भी असर नहीं दिखा और श्रद्धालुओं का उत्साह और भक्ति भाव देखने लायक था। भोर से ही श्रद्धालुओं के सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाने का सिलसिला शुरू हुआ जाे देर शाम तक चलता रहा। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद तिल, गुड़, वस्त्र व अन्न सहित यथाशक्ति कर दान कर पुण्य अर्जित किया। सरयू स्नान के बाद बड़ी संख्या में लाेग श्रीराम लला के दर्शन करने के लिए राम मंदिर व हनुमान गढ़ी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के लिए पहुंचे।
रामलला के मंदिर में हुआ विशेष पूजन
इस विशेष पर्व पर श्री राम मंदिर में मकर संक्रांति के पर्व पर विशेष पूजन-अर्चन किया गया। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न हुई, वहीं जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस दौरान विशेष तरह का भोग अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्री रामलला को पतंग भी भेंट की। श्रद्धालुओं से भरी पूरी अयोध्या राममय दिख रही है और जय श्रीराम के नारे गुंजायमान हो रहे हैं।
प्रयागराज के माघ मेले में दो बजे तक 72 लाख श्रद्धालुओं ने किया स्नान
तीर्थनगरी प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में मकर संक्रांति पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। वैसे तो रात बारह बजे से मकर संक्रांति स्नान शुरु हो गया था और बुधवार को एकादशी के कारण लाखों लोग पहले ही पहुंच चुके थे। इन सभी श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान किया। मेला प्रशासन का अनुमान है कि दोपहर दो बजे तक 72 लाख से अधिक श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं। मेला प्रशासन का अनुमान है कि शाम तक दो से ढाई करोड़ श्रद्धालु स्नान कर लेंगे। मेला प्रशासन ने 24 स्नान घाटों पर इंतजाम किया गया है। माघ मेले में सुरक्षा व्यवस्था के चाक चौबंद इंतजाम हैं। यहां पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के साथ ड्रोन से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। हाईटेक रिस्पांस प्लान लागू कर आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। प्रशासन ने मेला व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए स्नान घाटों एवं मार्गों पर किसी के भी सोने पर प्रतिबंध लगाया है। संचार के लिए अनिवार्य रूप से वायरलेस सेट के प्रयोग के लिए प्लान तैयार किया गया है। इतना ही नहीं संवदेनशील चौराहों के बीच जाम लगने वाले चिह्नित आठ स्थानों पर आवागमन सुगम बनाए रखने की व्यवस्था की गई है।
काशी में बाबा विश्वनाथ को लगा खिचड़ी, आचार, मूंगफली और पट्टी का भोग
मकर संक्रांति पर्व पर काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन- पूजन के लिए सुबह से मंदिर में भक्तों की लंबी -लंबी कतारें लगी रही। हाथ जोडे़ लाइन में खड़े श्रद्धालुओं ने महादेव के जयकारे लगाए जिससे पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान होता रहा। यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। बाबा विश्वनाथ की विशेष मध्याह्न भोग आरती भी हुई और जिसमें परंपरागत और सात्त्विक अन्न से बाबा का भोग अर्पित किया गया। इस भोग आरती में बाबा विश्वनाथ को खिचड़ी, चिवड़ा, मूंगफली की पट्टी, पापड़ तथा अचार का भोग लगाया गया। इसके बाद विधिविधान से बाबा की आरती की गई।
गाेरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने की पूजागाेरखपुर में भी गाेरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति धूमधाम से मनायी गयी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सुबह भाेर में ही गोरखनाथ मंदिर में गुरु गाेरखनाथ की पूजा अर्चना की और खिचड़ी अर्पित की। बड़ी संख्या में लाेग पहुंचे और मंदिर में माथा टेका। इसी प्रकार मीरजापुर में विंध्यधाम में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंच कर पूजन किया। विभिन्न धार्मिक स्थलों में आज दिन श्रद्धालुओं ने अपने अपने आराध्य देवताओं का पूजन अर्चन किया जाता रहा। पवित्र गंगा और यमुना नदी के किनारे स्थित शहरों में मेले जैसा माहौल दिखा।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह