चाबहार पर भारत ने कहा- रास्ता निकालने के लिए अमेरिका से बातचीत जारी

युगवार्ता    16-Jan-2026
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नई दिल्ली, 16 जनवरी (हि.स.)। ईरान में रणनीतिक निवेश बंदरगाह चाबहार से अलग होने की खबरों के बीच भारत ने कहा है कि हम इस संबंध में अमेरिका के साथ संपर्क में हैं और मार्ग तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में कहा कि पिछले साल 28 अक्टूबर को अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने सशर्त प्रतिबंध स्थगित करने पर गाइडेंस देते हुए एक लेटर जारी किया था। यह 26 अप्रैल 2026 तक वैध है। हम इस व्यवस्था पर काम करने के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत कर रहे हैं।

पत्रकार वार्ता में प्रवक्ता से ईरान से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे थे। वर्तमान में ईरान अमेरिकी प्रतिबंधों को सामना कर रहा है। इन प्रतिबंधों के चलते ईरान में महंगाई बढ़ गई है। इन प्रतिबंधों का प्रभाव भारत पर भी पड़ा है जिसने अफगानिस्तान और मध्यपूर्व तक संपर्क बनाने के लिए ईरानी बंदरगाह चाबहार में बड़ा निवेश किया है। वर्तमान में ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई की भी आशंका बनी हुई।

प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में लगभग 9 हजार भारतीय नागरिक अभी ईरान में हैं। इनमें से ज़्यादातर छात्र हैं, इसके अलावा, नाविक, तीर्थयात्री और कुछ बिज़नेस से जुड़े लोग भी वहाँ रह रहे हैं। हाल के दिनों में वहां बन रहे हालात को देखते हुए हमने दो-तीन परामर्श जारी किए हैं।

उन्होंने बताया कि इन परामर्श में साफ़ तौर पर कहा गया है कि भारतीय नागरिकों को अभी ईरान की यात्रा नहीं करनी चाहिए। पहले से ही वहां रह रहे भारतीयों को जल्द से जल्द देश छोड़ना चाहिए। विदेश मंत्रालय वहां के हालात पर करीब से नज़र रख रहा है और जहां तक लोगों की सुरक्षा और हितों की बात है ज़रूरत पड़ने पर कोई भी कदम उठाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

इसी बीच भारत का ईरान से आयात काफी घट गया है। प्रवक्ता ने आज कहा कि पिछले वित्त वर्ष में हमारा कुल व्यापार 1.6 अरब डॉलर था। इसमें निर्यात 1.2 अरब डॉलर और आयात 0.4 अरब डॉलर था। कुल मिलाकर भारत के कुल वैश्विक व्यापार में ईरान का हिस्सा लगभग 0.15 प्रतिशत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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