
कोलकाता, 17 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम काेर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और अन्य व्यक्तियों से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का आह्वान करते हुए कहा कि कृपया लोकतंत्र और संविधान को संकट से बचाइए। सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा जरूरी है। हमें अपने इतिहास और सीमाओं की भी रक्षा करनी होगी। यहां मुख्य न्यायाधीश मौजूद हैं, आप सभी मौजूद हैं। यह टिप्पणी जलपाईगुड़ी में कोलकाता उच्च न्यायालय की सर्किट बेंच के स्थायी भवन के उद्घाटन समारोह के दौरान की।
मुख्यमंत्री ने जलपाईगुड़ी में एक सार्वजनिक मंच से केंद्रीय जांच एजेंसियों पर परोक्ष रूप से तीखा हमला बोला। खास बात यह रही कि उस समय मंच पर सुप्रीम काेर्ट के सीजेआई समेत तमाम गणमान्य लाेग मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का नाम लिए बिना कहा कि “कुछ एजेंसियां योजनाबद्ध तरीके से सम्मान और मानहानि करने की कोशिश कर रही हैं।”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से न्याय व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं को खतरा पैदा हो रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ एजेंसियां हैं जो जानबूझकर मानहानि और सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। कृपया लोगों की रक्षा करें। मैं यह अपने लिए नहीं कह रही हूं, मैं कह रही हूं लोकतंत्र को बचाइए, न्याय व्यवस्था को बचाइए।
हाल के दिनों में राज्य में ईडी की छापेमारी को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में किसी विशेष मामले या छापे का सीधे तौर पर उल्लेख नहीं किया, लेकिन एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर उठाए।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर राज्य के लिए धनराशि रोकने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में 88 फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना की है, जिनमें 52 महिला अदालतें, सात पॉक्सो अदालतें, आठ श्रम अदालतें और 19 मानवाधिकार अदालतें शामिल हैं।
मंच पर मौजूद केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि बुरा न मानें, लेकिन केंद्र ने फंड देना बंद कर दिया है। हमने अपने संसाधनों से करीब 1,200 करोड़ खर्च कर ये सभी अदालतें स्थापित की हैं।
उल्लेखनीय है कि, जलपाईगुड़ी में 40.08 एकड़ भूमि पर कलकत्ता उच्च न्यायालय की सर्किट बेंच का नया स्थायी भवन बनाया गया है। दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिले के लोगों को आसानी से न्याय मिल सकेगा। परिसर में मुख्य न्यायाधीश के लिए एक बंगला, 18 आवासीय बंगले, 400 सीटों वाला एक ऑडिटोरियम और एक स्विमिंग पूल भी शामिल है।
इस उद्घाटन समारोह में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, वरिष्ठ न्यायाधीश और राज्य के अधिकारी, जिनमें सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब भी मौजूद थे। -------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर