


अहमदाबाद, 18 जनवरी (हि.स.)। विश्व के पहले स्वामी नारायण मंदिर, कालूपुर गादी ने स्वामी नारायण की लिखी शिक्षापत्री के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में समैया महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 23 से 27 जनवरी 2026 तक अडालज स्थित त्रिमंदिर के पास बने विशाल ग्राउंड में आयोजित होगा।
करीब 200 बीघा क्षेत्र में बसाई जा रही इस धार्मिक नगरी में देश-विदेश से 15 लाख से अधिक हरिभक्तों के आने का अनुमान है। महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि स्वामी नारायण की लिखी गई मूल शिक्षापत्री भक्तों के दर्शन के लिए प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही प्रदर्शनी, बाल नगरी और एआई आधारित शिक्षापत्री एग्ज़ीबिशन सेंटर मुख्य आकर्षण रहेंगे।
अहमदाबाद हेरिटेज सिटी थीम पर प्रवेश द्वार
पूरे महोत्सव को अहमदाबाद हेरिटेज सिटी और कालूपुर मंदिर की थीम पर सजाया गया है। मुख्य प्रवेश द्वार 126 फीट लंबा और 35 फीट ऊंचा बनाया गया है, जो ऐतिहासिक ‘तीन दरवाजा’ और कालूपुर मंदिर की स्थापत्य कला को दर्शाता है। वहीं फूड कोर्ट को अहमदाबाद के प्रसिद्ध माणेक चौक की शैली में सजाया गया है।
एआई तकनीक से सुसज्जित प्रदर्शनी हॉल
युवाओं को आकर्षित करने के लिए आधुनिक एआई और तकनीक का उपयोग किया गया है। तीन विशाल जर्मन हैंगर डोम में स्वामी नारायण
के जन्मस्थान छपैया से लेकर लोइज तक की यात्रा, वन विचरण और शिक्षापत्री लेखन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी। 12 हाईटेक प्रोजेक्टरों के माध्यम से स्वामी नारायण संप्रदाय का इतिहास प्रस्तुत किया जाएगा।
लकड़ी से निर्मित यज्ञशाला
धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए एक विशाल यज्ञशाला का निर्माण किया गया है, जो पूरी तरह लकड़ी से बनी है। इसमें कहीं भी लोहे की कील या तार का उपयोग नहीं किया गया है। यहां 108 कुंडीय महाविष्णु यज्ञ आयोजित होगा, जिसमें जगन्नाथपुरी पाठशाला के वैदिक ब्राह्मण मंत्रोच्चार करेंगे। भक्ति वातावरण बनाए रखने के लिए 5000 हरिभक्तों द्वारा 12 घंटे की अखंड धुन का आयोजन किया जाएगा। ‘मंत्र कुटीर’ में लाखों भक्तों की लिखी गई मंत्र पुस्तिकाएं अर्पित की जाएंगी। वहीं ‘वेद कुटीर’ में चारों वेदों का निरंतर गायन होगा, जहां व्यास भगवान की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए विशेष बाल नगरी बनाई गई है, जहां क्विज प्रतियोगिता, गेम्स और एजुकेशनल टनल जैसी गतिविधियां होंगी।
निःशुल्क भोजन और सेवा व्यवस्था
महोत्सव में आने वाले सभी 15 लाख श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। सभी को समान मेनू पर भोजन परोसा जाएगा। फिलहाल 500 स्वयंसेवक तैयारियों में जुटे हैं, जबकि महोत्सव के दौरान करीब 5000 स्वयंसेवक सेवा देंगे।
पूरा सभा मंडप सोलर एनर्जी से संचालित होगा। पर्यावरण संरक्षण के तहत 1.60 लाख फॉक्सटेल पौधे और डेढ़ लाख वर्ग फुट में कार्पेट लॉन लगाया गया है। गिर गाय और प्राकृतिक खेती को लेकर विशेष जागरूकता प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। यह महोत्सव आध्यात्म, संस्कृति, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संगम साबित होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे