
प्रयागराज, 19 जनवरी (हि.स.)। मौनी अमावस्या स्नान पर्व निर्विघ्न संपन्न हो गया। इसको लेकर सोमवार को आईत्रिपल सी स्थिति मेला प्राधिकरण के सभागार में प्रयागराज मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के मामले में कहा कि संगम नोज पर वाहन ले जाने की अनुमति नहीं दी थी। ऐसे में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिष्यों और भक्तों के साथ पीपापुल नम्बर दो की बैरीकेटिंग को तोड़तकर अपने वाहन से संगम नोज पर ऐसे समय पहुंचे, जब श्रद्धालुओं का काफी दबाव था, उन्हें स्नान करने से नहीं रोका गया बल्कि निवेदन किया गया कि वाहन छोड़कर आप शिष्यों के साथ पैदल स्नान करने जा सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि संगम नोज पर तैनात सभी पुलिस अधिकारी लगभग तीन घंटे तक आग्रह किया और वापस जाने के लिए वापसी मार्ग को खाली रखा गया। यह बहुत बड़ा कार्य पुलिस के जवानों ने किया, लेकिन जब महाराज स्नान करने नहीं गए तो उनके वाहन को हटाया गया।
माघ मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश 18 अक्टूबर 2022 के निर्णय का अनुपालन करते हुए महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर किसी को भी वीआईपी सुविधा नहीं दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य चार्य के नाम से कोई शिविर भी नहीं आवंटित किया गया। इन्हें ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य नहीं माना गया है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इन्हें बद्रीकाश्रम के नाम से जमीन का आवंटन किया गया है। ऐसे में हम इन्हें कैसे वीवीआईपी सुविधा उपलब्ध कराते। हम लोग मेले में आने वाले सभी साधु-संतों का सम्मान करते हैं। हालांकि मौनी अमावस्या के दिन किसी भी संत को परम्परा को छोड़कर स्नान करने की अनुमति नहीं दी है। स्वामी जी अपनी जिद पर अड़े हुए थे, हमें करोड़ों श्रद्धालुओं के जान की चिंता लगी हुई थी। यदि चूक हो जाती तो भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती। हम सभी संतों से विनम्र निवेदन करतें हैं कि वह सम्मान के साथ स्नान करके पुण्य के भागीदार बनें। इसी क्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस आयुक्त प्रयागराज जोगेन्दर कुमार ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज को स्नान करने से रोकने के आरोप से इनकार किया। उन्होंने कहा कि महाराज से पैदल स्नान करने के लिए बार-बार आग्रह और निवेदन किय गया था। हालांकि इस दौरान यदि उनके शिष्यों के साथ कोई घटना हुई है, तो जांच कराई जाएगी। साक्ष्य और प्रमाण के साथ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पूरी घटना की जांच कराई जा रही है, इस संबंध में सभी वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल