राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की पहल, पुलिस अधिकारियों को मिला हाईटेक प्रशिक्षण

युगवार्ता    19-Jan-2026
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एआई आधारित पुलिसिंग प्रशिक्षण आयोजित किया


गांधीनगर, 19 जनवरी (हि.स.)। गुजरात के गांधीनगर के राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) ने अपने लावाद स्थित परिसर में पुलिस वायरलेस निदेशालय के अधिकारियों के लिए “पुलिसिंग के लिए एआई” विषय पर दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम किया।

स्कूल ऑफ आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड साइबर सिक्योरिटी के माध्यम से समन्वय यह कार्यक्रम में पुलिस वायरलेस निदेशालय के अधिकारियों के लिए “पुलिसिंग के लिए एआई” के माध्यम से उनकी क्षमता निर्माण और परिणाण के बारे में बताया गया, ताकि वे इसको अपने

मिशन के अपना सकें।

कार्यक्रम के उद्घाटन संबोधन में आरआरयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) बिमल एन. पटेल ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए क्षमता निर्माण मिशन आधारित और परिणाम केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण ‘मिशन कर्मयोगी’ ढांचे के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें अधिकारियों के निरंतर कौशल विकास और दीर्घकालिक पेशेवर उन्नयन पर जोर दिया गया है।

कुलपति ने बताया कि आरआरयू एआई, साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, विमानन सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण अवसंरचना संरक्षण जैसे क्षेत्रों में एकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आरआरयू देश का एकमात्र विश्वविद्यालय है जिसे बॉडी स्कैनर और विमानन सुरक्षा प्रणालियों पर लाइसेंस प्राप्त प्रशिक्षण देने का अधिकार है।

इसके बाद डीसीपीडब्ल्यू के संयुक्त निदेशक आशीष सेन ने आरआरयू और डीसीपीडब्ल्यू के बीच निरंतर सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी पायलट प्रोजेक्ट और आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित करने की बात कही।

पुलिस अधिकारियों ने महासागर सिम्युलेटर लैब का दौरा किया, जहां उन्हें बंदरगाह, तटीय और समुद्री सुरक्षा से जुड़े आधुनिक प्रशिक्षण और तकनीकों की जानकारी दी गई। इसमें समुद्री निगरानी, जलवायु जोखिम और एकीकृत सुरक्षा प्रतिक्रिया प्रणालियों पर विशेष जानकारी दी गई।

तकनीकी सत्रों में पुलिसिंग में एआई के उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें डिजिटल फॉरेंसिक, मोबाइल और कंप्यूटर डाटा विश्लेषण, चेहरे और आवाज पहचान, डीपफेक डिटेक्शन, इमेज-वीडियो एनालिसिस, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, ओपन सोर्स इंटेलिजेंस , साइबर अपराध, फिशिंग, धोखाधड़ी और जनरेटिव एआई के दुरुपयोग से निपटने के उपाय शामिल रहे।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

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