केन्द्र सरकार बुधवार को मत्स्य पालन गोलमेज सम्मेलन का करेगी आयोजन

युगवार्ता    20-Jan-2026
Total Views |
मत्स्य पालन, पशुपालन एवं दुधारू पालन मंत्रालय


नई दिल्ली, 20 जनवरी (हि.स.)। भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र को वैश्विक बनाने के उद्देश्य से, केन्द्र सरकार बुधवार को नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय 'मत्स्य पालन गोलमेज सम्मेलन 2026' का आयोजन करेगी। यह जानकारी मंगलवार को मत्स्य पालन, पशुपालन एवं दुधारू पालन मंत्रालय ने दी।

मंत्रालय के अनुसार इस सम्मेलन का मुख्य केंद्र समुद्री खाद्य निर्यात प्रोत्साहन और अंतरराष्ट्रीय बाजार संपर्क को मजबूत करना है। सम्मेलन का उद्देश्य केवल व्यापार बढ़ाना ही नहीं, बल्कि एक टिकाऊ और पारदर्शी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।

वर्तमान में भारत मत्स्य उत्पादन में विश्व में दूसरे स्थान पर है और समुद्री उत्पादों का छठा सबसे बड़ा निर्यातक है। सम्मेलन में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रमुख आंकड़े इस क्षेत्र की मजबूती को दर्शाते हैं। 2024-25 में , समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात 16.98 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया , जिसका मूल्य 62,408 करोड़ रुपये था, जो भारत के कुल कृषि निर्यात में लगभग 18 प्रतिशत का योगदान देता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं दुधारू पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह करेंगे। इस अवसर पर अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन, पंचायती राज मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल, विदेश मंत्रालय, मत्स्य विभाग, समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण, निर्यात निरीक्षण परिषद, वाणिज्य विभाग, विदेश व्यापार महानिदेशालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और खाद्य एवं कृषि संगठन, एजेंस फ्रांसेज़ डी डेवलपमेंट, ड्यूश गेसेलशाफ्ट फर इंटरनेशनेल ज़ुसामेनार्बीट, बे ऑफ बंगाल प्रोग्राम, एशियाई विकास बैंक और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा, एशिया, अफ्रीका, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ओशिनिया सहित दुनिया के 83 भागीदार देशों के राजदूत और उच्चायुक्त भी शामिल होंगे।

विभिन्न देशों के साथ विचार-विमर्श के मुख्य विषयों में बाजार विविधीकरण, तकनीकी नवाचार, नियामक सहयोग और निवेश और बुनियादी ढांचा शामिल है। चर्चा में जलवायु और बाजार जोखिमों के प्रति समुद्री खाद्य मूल्य श्रृंखलाओं की लचीलता को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

Tags