
रांची, 21 जनवरी (हि.स.)। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर गुरुवार को झारखंड की राजधानी रांची पहुंच रहे हैं। इस संबंध में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी।
रक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि यह पहला अवसर है जब भारतीय नौसेना के प्रमुख का आगमन झारखंड की राजधानी रांची में हो रहा है। उन्होंने इसे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि यह दौरा युवाओं में राष्ट्र निर्माण, रक्षा जागरूकता और देश के भविष्य को लेकर सकारात्मक संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुरुवार की शाम एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी रांची एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां झारखंड के सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया जाएगा। इसके बाद वे लोक भवन में रात्रि विश्राम करेंगे।
अपने दौरे के दूसरे दिन, 23 जनवरी को एडमिरल त्रिपाठी का कार्यक्रम विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद पर केंद्रित रहेगा। सुबह 10:00 बजे, वे सेंट्रल कोल फील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में रांची शहरी क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के विद्यार्थियों से रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के साथ मिलकर “विकसित भारत 2047” विषय पर संवाद करेंगे।
इसके पश्चात एडमिरल त्रिपाठी तुपुदाना स्थित टेंडर हार्ट स्कूल पहुंचेंगे, जहां वे रांची ग्रामीण क्षेत्र के दर्जनों विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ भी रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के साथ विकसित भारत 2047 को लेकर संवाद करेंगे। इस दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, अनुशासन, नेतृत्व और रक्षा सेवाओं के महत्व के बारे में प्रेरित किया जाएगा।
दोपहर में एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी रांची क्लब पहुंचेंगे, जहां सांसद कला महोत्सव के तहत आयोजित पेंटिंग एवं चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। यह प्रदर्शनी युवाओं की रचनात्मकता, देशभक्ति और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करती है।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि नौसेना प्रमुख का यह दौरा न केवल झारखंड के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा, बल्कि रक्षा क्षेत्र और नागरिक समाज के बीच संवाद को भी मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण की भावना और अधिक प्रबल होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे