
नई दिल्ली, 21 जनवरी (हि.स.)। देश में सड़क और रेल ढांचे को बेहतर बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड (केआरसीएल) ने बुधवार को समझौता किया। इसका उद्देश्य बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करना और लोगों की आवाजाही को आसान बनाना है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, यहां एनएचएआई मुख्यालय में हुए समझौते में एनएचएआई अध्यक्ष संतोष कुमार यादव और दोनों संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि समझौते के तहत एनएचएआई और केआरसीएल मिलकर ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे जहां सड़क और रेल ढांचे को साथ जोड़ने की जरूरत है। इसमें रेल–रोड पुल और सुरंगें, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, इंटर-मॉडल हब और ऐसे स्थानों पर स्तर विभाजक बनाना शामिल है जहां राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे लाइनें साथ-साथ चलती हैं।
मंत्रालय ने कहा कि इससे कोंकण रेलवे के कठिन इलाकों में काम करने का अनुभव एनएचएआई को मिलेगा। इसमें पुल और सुरंगों की डिजाइन जांच, सुरक्षा उपाय, ढलान स्थिरीकरण और मौजूदा सुरंगों की गुणवत्ता जांच जैसी सेवाएं शामिल हैं। साथ ही एनएचएआई अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
दोनों संस्थाएं मिलकर नई तकनीक और डिजिटल समाधान अपनाएंगी ताकि प्रोजेक्ट की निगरानी, यातायात प्रबंधन और स्मार्ट ढांचे का विकास बेहतर हो सके। इसके अलावा, खाली या कम इस्तेमाल होने वाली जमीन का उपयोग लॉजिस्टिक्स और अन्य ढांचागत परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।
इस साझेदारी से माल और यात्रियों की आवाजाही के लिए पहली और आखिरी कड़ी (फर्स्ट-माइल और लास्ट-माइल) को बेहतर बनाने पर भी काम होगा। साथ ही सड़क और रेल नेटवर्क को जोड़कर माल ढुलाई के लिए समर्पित कॉरिडोर बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
समझौते को लागू करने के लिए संयुक्त कार्य समूह (ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप) बनाया जाएगा, जो प्रोजेक्ट्स की पहचान, शुरुआती अध्ययन, विस्तृत प्रस्ताव और प्रगति की निगरानी करेगा। यह समझौता शुरुआती तौर पर पांच साल तक मान्य रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर