
नई दिल्ली, 21 जनवरी (हि.स)। राज्यसभा सदस्य और इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन सुधा मूर्ति ने इंटरनेट पर प्रसारित उन फर्जी वीडियो के प्रति लोगों को आगाह किया जिनमें वित्तीय योजनाओं और निवेश को बढ़ावा देने के लिए उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये 'डीपफेक' वीडियो हैं जो उनकी जानकारी या सहमति के बिना बनाए गए हैं।
सुधा मूर्ति ने ‘एक्स’ पर लोगों को नकली एआई जनरेटेड वीडियो के बारे में अलर्ट करने के लिए पोस्ट किया, जिनमें धोखे से उन्हें फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट स्कीम को एंडोर्स करते हुए दिखाया गया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि उन्होंने कभी भी निवेश को एंडोर्स नहीं किया है और जो वीडियो ऑनलाइन प्रसारित हो रहे हैं, वे पूरी तरह से झूठे हैं।
सुधा मूर्ति ने अपनी छवि के दुरुपयोग पर दुख जताया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, एक नियम के तौर पर मैं कभी भी निवेश या पैसों से जुड़ी किसी गतिविधि पर बात नहीं करती हूं। मैं हमेशा काम, भारत की संस्कृति, महिलाओं और शिक्षा के बारे में बात करती हूं। मैं कभी भी पैसे निवेश करने और उससे रिटर्न पाने की बात नहीं करती।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर