
हरिद्वार, 21 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय व भारत सरकर के राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) के अंतर्गत आईआईटी रुड़की में एक शिल्प आधारित संसाधन केंद्र संचय की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र सरकार की शिल्प विरासत को प्रौद्योगिकी, डिज़ाइन एवं नवाचार के साथ एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस संसाधन केंद्र को विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय के माध्यम से वस्त्र मंत्रालय ने समर्थित किया है।
संचय (सेफगार्डिंग, एकम्युलेटिंग, नर्चरिंग क्राफ्ट एंड हेरिटेज टू स्टिम्युलेट निर्भरता और योग्यता) को भारत की विविध शिल्प परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के लिए एक राष्ट्रीय केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया है। इस पहल का नेतृत्व डिज़ाइन विभाग कर रहा है, जिसके अध्यक्ष प्रो. अपूर्बा कुमार शर्मा हैं। प्रो. स्मृति सरस्वत (समन्वयक) तथा प्रो. इंदरदीप सिंह; प्रो. उषा लेंका; प्रो. विभूति भट्टाचार्य (सह-समन्वयक) इस पहल से जुड़े हैं।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. केके पंत ने बताया कि केंद्र एक व्यापक शिल्प विश्वकोश और शिल्पकार निर्देशिका विकसित करेगा, जिन्हें ओएनडीसी और मेक इन इंडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकृत किया जाएगा। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। केंद्र नवाचार-आधारित शिल्प पुनरुद्धार और सामुदायिक सशक्तिकरण के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल प्रस्तुत करेगा, जिससे भारत की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था और रचनात्मक क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व सुदृढ़ होगा।”
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला