
प्रयागराज, 03 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में शनिवार भोर में लाखों श्रद्धालुओं के संगम डुबकी लगाने के साथ ही माघ मेला का भव्य और दिव्य शुभारंभ हो गया। पौष पूर्णिमा पर आज दोपहर 12 बजे तक प्रयागराज में 12 लाख श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं।
आज ही पहला मुख्य स्नान-पौष पूर्णिमा का है। पूरा मेला भव्यता और दिव्यता का संदेश दे रहा है। इस दौरान देश विदेश से आए लाखों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाकर पुण्य कमाएंगे। सनातन धर्म में प्रयागराज का यह माघ मेला धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवसर पर यहां श्रद्धालुओं को संगम में स्नान से अक्षय पुण्य मिलता है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला के शुभारंभ पर कल्पवासियों व श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं।
प्रशासन को अनुमान है कि आज पौष पूर्णिमा पर यहां 30 लाख से अधिक श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगाएंगे। लाखों श्रद्धालु बीती रात ही संगम तट पर आ गए थे। आज सुबह मेला क्षेत्र में कई जगह भीड के कारण जाम जैसी स्थिति बन गई। हालांकि पूर्णिमा स्नान को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम कड़े किए गए हैं और पूरे मेला क्षेत्र को सात सेक्टर के पांटून पुलों को वन-वे कर दिया गया है।
बसाई गई है भव्य टेंट सिटीइस बार राज्य सरकार पिछले वर्षें के मुकाबले मेला को और अधिक भव्य व दिव्य बनाने की कोशिश में है। यही कारण है कि इस बार अधिक व्यवस्था और सुविधाएं की जा रही हैं। अगर हम टेंट सिटी की बात करें तो माघ मेले के लिए इस बार 800 हेक्टेयर क्षेत्र में भव्य टेंट सिटी बसाई गई है जबकि पिछला माघ मेला 768 हेक्टेयर में था। प्रशासन ने तैयारियां इस हिसाब से की हैं कि इस बार करीब 15 करोड़ श्रद्धालु माघ मेले में पहुंचेंगे जबकि 2024 में श्रद्धालुओं की संख्या लगभग 6 करोड़ ही थी। उल्लेखनीय है कि महाकुंभ के कारण वर्ष 2025 माघ मेले का आयोजन नहीं किया गया था।
पहली बार रिवर एम्बुलेंस की सुविधाश्रद्धालुओं के लिए सबसे खास सुविधा यह है कि माघ मेले के लिए 2 रिवर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है जबकि 80 एम्बुलेंस की तैनाती की गई है। इसके अलावा अस्पतालों की अपनी व्यवस्था और चिकित्सीय सुविधाएं यहां उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने यहां कुशल डाक्टरों के साथ साथ पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनात का काम समय रहते पूरा कर लिया है।
बस अड्डे से चलेंगी 2250 बसेंप्रयागराज के झूंसी बस अड्डा से मेले के लिए 2250 बसें चलाई जाएंगी। पूरे मेले में उत्तर प्रदेश रोडवेज 3800 बसों का संचालन कर रहा है। इनमें से 2250 बसें झूंसी से भेजी गई हैं। इसके अलावा मेरठ, बरेली, कानपुर, सीतापुर जैसे तमाम जिलों के अलग-अलग हिस्सों के लिए भी शटल बसों की सुविधा दी जा रही है। इसी प्रकार भारतीय रेलवे ने भी माघ मेला के दौरान प्रयागराज जंक्शन के साथ-साथ रामबाग और झूसी स्टेशनों पर भी अलग-अलग तारीखों में कई ट्रेनों का अतिरिक्त ठहराव दिया है। इनमें कई लंबी दूरी की रेल गाडियां हैं।
लगाए गए क्यूआर कोडमाघ मेला प्रभारी नीरज पांडेय ने बताया कि मेला क्षेत्र में 15 हजार 500 विद्युत पोलों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इन्हें स्कैन करते ही श्रद्धालुओं के मोबाइल पर एक ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा। इस फॉर्म में श्रद्धालु अपना नाम, मोबाइल नंबर और सुरक्षा कोड भरकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि क्यूआर कोड स्कैन करने पर श्रद्धालु अपनी सही लोकेशन प्रशासन के साथ साझा करते हुए तत्काल सहायता प्राप्त कर सकेंगे। प्रत्येक पोल पर संबंधित सड़क व सेक्टर का नाम और गूगल कोड (जी-कोड) अंकित है, इससे श्रद्धालुओं को हर समय अपनी स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी।
माघ मेले की मुख्य स्नान की तिथियां पहला मुख्य स्नान- पौष पूर्णिमा (3 जनवरी 2026)दूसरा मुख्य स्नान- मकर संक्रांति (14 जनवरी 2026)तीसरा मुख्य स्नान- मौनी अमावस्या (18 जनवरी 2026)चौथा मुख्य स्नान- बसंत पंचमी (23 जनवरी 2026)पांचवां मुख्य स्नान- माघी पूर्णिमा (1 फरवरी 2026)छठा मुख्य स्नान- महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026)
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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन