

- प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को मिली ऐतिहासिक सफलता का किया उल्लेख
भोपाल, 01 अक्टूबर (हि.स.) । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण से मध्य प्रदेश में वन पर्यटन को नई दिशा और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता ने वन्यजीव संरक्षण के हमारे संकल्प को और भी मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में चीतों के सफल पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की सराहना की है। प्रधानमंत्री मोदी से मिली यह सराहना हम सभी को नई ऊर्जा और उत्साह प्रदान करने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों और वन संरक्षण से जुड़े सभी मैदानी साथियों को एक अक्टूबर से प्रारंभ हुए वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई दी है।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को 'एक्स' पर कहा कि मध्य प्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता ने वन्यजीव संरक्षण के हमारे संकल्प को और भी मजबूत किया है। सच्चे अर्थों में हमारे वनकर्मियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के समर्पित प्रयासों को इसका श्रेय जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रकृति के संतुलन के संरक्षण में अपना योगदान दें। इससे वन्यजीव संरक्षण के साथ ही प्रदेश में वन पर्यटन को भी नई दिशा और गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वन्यजीव सप्ताह के संदर्भ में 30 सितम्बर को एक संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में उन्होंने कहा है कि पिछले एक दशक में भारत ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रोजेक्ट चीता की सफलता इसका उल्लेखनीय उदाहरण है। इसके साथ ही, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, गैंडे, घड़ियाल, स्लॉथ बियर, नदी डॉल्फिन और हिम तेंदुए जैसी प्रजातियों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास हमारे संरक्षण कार्यों के व्यापक होते दायरे का प्रमाण हैं।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के माध्यम से बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण में वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। यह मंच बाघ, शेर, तेंदुआ और जगुआर जैसी प्रमुख बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण से जुड़े हमारे अनुभवों को अन्य देशों के साथ साझा करने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करता है। वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन और प्रकृति के संतुलन के लिए उनके आवासों का आपस में जुड़ा होना आवश्यक है। केन्द्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर वन्यजीव कॉरिडोरों की पहचान और उनके संरक्षण पर निरंतर कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में देशवासियों से अपील की है कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ हम सभी अपने-अपने स्तर पर वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा में योगदान दें। जब जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, तो प्रकृति का संतुलन भी बना रहेगा। यही हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे मूल्यवान विरासत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी सभी से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग देने का आह्वान किया है।
उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में भारत में जन्मी मादा चीता केजीपी 12 ने दिया 4 शावकों को जन्म दिया है। नई आमद के साथ चीता संख्या 52 से बढ़कर 56 हो गई है। प्रोजेक्ट चीता की यात्रा में यह उपलब्धि भारत में चीता संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन की सफलता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। मध्यप्रदेश चीतों के संरक्षण का मजबूत केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी की पहल से शुरू हुए प्रोजेक्ट चीता को मध्यप्रदेश शासन द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। वन विभाग, वन्यजीव विशेषज्ञों, पशु चिकित्सकों और मैदानी अमले द्वारा चीतों की सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, निगरानी एवं आवास प्रबंधन का कार्य लगातार पूरी मुस्तैदी से किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत