
नागोया, 01 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय पहलवान नितेश सिवाच ने एशियाई खेलों में पुरुषों के 97 किग्रा ग्रीको-रोमन वर्ग में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। स्वर्ण पदक के मुकाबले में नितेश को जापान के यूरी नाकाजातो के खिलाफ 0-4 से हार का सामना करना पड़ा।
इस रजत पदक के साथ नितेश एशियाई खेलों में ग्रीको-रोमन कुश्ती में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बन गए। इससे पहले भारत ने इस स्पर्धा में एशियाई खेलों में केवल चार कांस्य पदक जीते थे।
ग्रीको-रोमन कुश्ती में एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक के लिए भारत का इंतजार जारी है। भारत ने आखिरी बार 1962 के जकार्ता एशियाई खेलों में इस शैली में स्वर्ण पदक जीता था। उस संस्करण में मालवा ने 52 किग्रा वर्ग और गणपत अंधालकर ने 97 किग्रा से अधिक वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया था।
नितेश ने इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था। हालांकि, स्वर्ण पदक मुकाबले में जापानी पहलवान नाकाजातो ने उन्हें 4-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। नितेश को रजत पदक से संतोष करना पड़ा लेकिन उनकी उपलब्धि भारतीय ग्रीको-रोमन कुश्ती के इतिहास में महत्वपूर्ण अध्याय बन गई है।
हरियाणा के सोनीपत के जख्सी गांव से ताल्लुक रखने वाले नितेश ने 2012 में प्रताप स्पोर्ट्स स्कूल से कुश्ती की शुरुआत की थी। उनके पिता दूध बेचने का काम करते हैं और बेटे को सफल पहलवान के रूप में देखने का उनका सपना नितेश के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा है।
नितेश ने 2022 अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। इसके बाद उन्होंने 2023 अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य, 2024 अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में रजत और 2025 सीनियर एवं अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया। 2026 सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीतकर अपनी प्रगति को जारी रखा।
इस रजत पदक के साथ भारत ने अब तक 64 पदक जीत लिए हैं और पदक तालिका में आठवें स्थान पर है, इन 64 पदकों में 10 स्वर्ण, 23 रजत और 31 कांस्य पदक शामिल हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे