देश में विभाजन और अराजकता के दुष्प्रचार का अभियान चलाया जा रहाः भाजपा

युगवार्ता    11-Oct-2026
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पत्रकार वार्ता को संबोधित करते प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी


नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि देश में विभाजन और अराजकता के दुष्प्रचार का एक अभियान चलाया जा रहा है। भारत बहुत प्रभावी स्थिति में उभरकर आगे आ रहा है और बहुत-सी शक्तियों को यह अच्छा नहीं लग रहा होगा।

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आज पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि एक किलोमीटर तक बैरिकेडिंग हो गई तो इन्हें आपातकाल याद आ गया। उन्हें लगता है कि आज की पीढ़ी को याद दिलाना चाहिए कि आपातकाल क्या था। आज यहां बैठकर ये लोग प्रधानमंत्री मोदी के बारे में अनाप-शनाप बोलते हैं। लेकिन आपातकाल के दौरान अगर आप यह बोल देते कि इंदिरा गांधी को हटाना है तो आप जेल में होते और जमानत के लिए आवेदन भी नहीं कर सकते थे।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भारत को अराजकता व विभाजन की आग में झोंकते हुए नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर चेन्नई में निराधार और अनर्गल आरोप हमारी सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर लगाने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि राहुल कहते हैं कि नीट के आने से तमिल भाषा पर आक्रमण किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। सच यह है कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में तमिल भाषा का पूरा सम्मान हुआ है और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसके विभिन्न आयामों को स्थापित करने का प्रयास किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न अवसरों पर तमिल भाषा, तमिल संस्कृति और तमिल प्रतीकों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्थापित किया। तमिल संस्कृति के प्रतीक सेंगोल को भारत की संसद में स्थापित किया गया। उस समय कांग्रेस ने इसका विरोध किया था।

त्रिवेदी ने पूछा कि प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति को महाबलीपुरम लेकर गए थे। राहुल गांधी जानते हैं कि महाबलीपुरम का क्या महत्व है? इसी पल्लव भूमि से राजकुमार बोधिधर्म चीन गए और वहां इतने प्रख्यात हुए कि आज पूरे चीन में उन्हें पितामह के रूप में माना जाता है। लेकिन कांग्रेस ने इस संबंध को स्थापित नहीं किया।

उन्होंने कहा कि पिछली बार राहुल गांधी ने पुणे में कहा था, ‘पितृसत्ता को खत्म करो!’। वे याद दिलाना चाहते हैं कि आज नवरात्रि का पहला दिन है। सिर्फ भारतीय संस्कृति और हिंदू संस्कृति ही ऐसी है, जो मातृशक्ति की आराधना करती है। इसलिए जब हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचे तो प्रधानमंत्री मोदी ने उस स्थान का नाम ‘शिवशक्ति’ रखा था।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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