
गुवाहाटी, 12 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने चुनाव में कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें चुनौती दी कि वह पहले अपने राजनीतिक पदों को लेकर सवालों का जवाब दें। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफा देना चाहिए और केरल तथा कर्नाटक की कांग्रेस सरकारों को भी इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की थी। ऐसे में राहुल गांधी को बताना चाहिए कि क्या मोदी भी वोट चोरी करके गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे।
डॉ. सरमा ने कहा कि जिस चुनाव में नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे, उसी चुनाव में राहुल गांधी भी लोकसभा में विपक्ष के नेता बने। उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी भी वोट चोरी करके विपक्ष के नेता बने हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह असम में मतपत्रों के जरिए चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाने का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पिछले दो-तीन दिनों से दिल्ली में राजनीतिक तमाशा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी विदेशी ताकतों के प्रभाव में काम कर रहे हैं तथा उन्हें देश का चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और संसद पसंद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग के बाद अब सुप्रीम कोर्ट को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
डॉ. सरमा ने कहा कि कांग्रेस की ओर से इस तरह की कथित ब्लैकमेलिंग को कोई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें देश की युवा पीढ़ी की भी चिंता नहीं है।
सनातन धर्म को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना
मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का नाम लेने को लेकर भी राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का विरोध करने वाले राहुल गांधी को भगवान शिव का नाम लेने से पहले सनातन धर्म का सम्मान करना सीखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हिंदू देवी-देवताओं को राजनीति में खींच रहे हैं।
विकास और पूर्वोत्तर की शांति का मुद्दा उठाया
डॉ. सरमा ने कुछ प्रदर्शनकारियों को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि निराशावादी और वैचारिक रूप से उग्र तत्व विदेशी ताकतों की मदद से आंदोलन शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग भारत का विकास नहीं चाहते और पूर्वोत्तर में शांति बनाए रखने के पक्ष में नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि ये लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के भीतर की गई कार्रवाई का समर्थन नहीं करते। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश के संवैधानिक संस्थानों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदारी के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश