सनातन हिंदू एकता रथयात्रा पर निकले पंडित धीरेन्द्र शास्त्री, बोले- गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा देश, इसे बचाएं

युगवार्ता    12-Oct-2026
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सनातन हिंदू एकता रथयात्रा


सनातन हिंदू एकता रथयात्रा


- बागेश्वर धाम से शुरू हुई 500 किमी की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा पर निकले, 5 जिलों से गुजरेगा काफिला

छतरपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि चाहे जितने विरोधी आ जाएं, प्राण चले जाएं तो भी धर्म नहीं छोड़ना है। अगर हम सब एक न हुए तो आने वाले 20 साल में हमारी स्थिति खराब होगी। देश गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा है। इसे गृहयुद्ध से बचाएं।

पंडित धीरेन्द्र शास्त्री सनातन हिंदू रथयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। यह रथयात्रा रविवार को छतरपुर जिले के गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम से शुरू हुई। करीब 500 किलोमीटर लंबी यह यात्रा बुंदेलखंड के पांच जिलों से होकर गुजरेगी। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, 15 अक्टूबर को टीकमगढ़ में यात्रा का समापन होगा। इस बार पदयात्रा के बजाय रथ के माध्यम से यह आयोजन किया जा रहा है।

पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा की शुरुआत हनुमान चालीसा के पाठ और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद रथ आगे बढ़ते हुए मंडला पहुंचा और यहां से पन्ना जिले की सीमा में प्रवेश किया। छतरपुर और पन्ना को जोड़ने वाले मंडला पुल पर विधायक ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने यात्रा का स्वागत किया। महिलाएं सिर पर कलश रखकर यात्रा के स्वागत के लिए खड़ी थीं। पूजा नाम की महिला ने बागेश्वर बाबा का स्वागत किया। मंडला से यात्रा कच्चे रास्ते से हरसा और बघोआ होते हुए रथयात्रा पन्ना जिले के अजयगढ़ पहुंची।

पहले दिन 120 किलोमीटर की सफर कर यात्रा पन्ना पहुंची, जहां रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। यात्रा में सबसे आगे बालाजी, फिर शास्त्री का रथ और पीछे समर्थकों के वाहनों का लंबा काफिला चल रहा था। श्रद्धालुओं ने बुलडोजर और जेसीबी पर खड़े होकर फूल बरसाए। यात्रा के साथ बागेश्वर धाम की भगवा रंग में रंगी एम्बुलेंस भी चल रही हैं। दिनभर करीब 18 घंटे की यात्रा के बाद शास्त्री ने अजयगढ़ में आशीर्वचन दिए। इस दौरान सात संकल्प दोहराए गए।

पन्ना पहुंचने के बाद दिनभर के अनुभव पर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि कमईठा, चंदनगर, मड़ला होते हुए केन नदी को पार करके हम यहां पहुंचे। बड़ा अद्भुत था, दिव्य था। सनातनियों में यह जागृति देखकर हृदय बहुत द्रवीभूत हुआ, मन बहुत प्रसन्न हुआ। उन्होंने कहा कि रास्ता जरूर खराब था, मन खराब नहीं।

आयोजकों के मुताबिक, यात्रा में करीब 300 वाहनों और लगभग पांच हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के स्वागत, संबोधन और धार्मिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई है। पन्ना में रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। यात्रा के दौरान अलग-अलग पड़ावों पर लोगों को सात संकल्प दिलाने की योजना है। इनमें भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने, जातिवाद और छुआछूत समाप्त करने, गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने, अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद पर रोक लगाने, प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण, नई पीढ़ी को सनातन संस्कारों से जोड़ने और हिंदुओं की एकजुटता से जुड़े संकल्प शामिल हैं।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संदेश में कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य हिंदू समाज को एकजुट करना और जाति-पाति, छुआछूत तथा सामाजिक भेदभाव की दीवारों को समाप्त करने का संदेश देना है। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर प्रवचन और धार्मिक आयोजन भी किए जाएंगे।

रथ के रूप में तैयार की गई वैनिटी वैन

इस बार धीरेंद्र शास्त्री हाइड्रोलिक लिफ्ट से सुसज्जित वैनिटी वैन में यात्रा कर रहे हैं। इसे रथ का स्वरूप दिया गया है, ताकि वे ऊंचाई पर पहुंचकर श्रद्धालुओं को संबोधित कर सकें। वाहन पर धार्मिक प्रतीक बनाए गए हैं और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।

सुरक्षा के लिए पुलिस की विशेष व्यवस्था

यात्रा को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के इंतजाम किए हैं। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल, ड्रोन, सीसीटीवी वाहनों और अन्य सुरक्षा संसाधनों की मदद ली जा रही है। यात्रा के मार्ग पर भीड़ को नियंत्रित करने और वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने के लिए व्यवस्था बनाई गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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