ओडिशा के महाविद्यालयों में अभाविप की बड़ी बढ़त, 60 महाविद्यालयों में 252 पदों पर निर्विरोध जीत

युगवार्ता    12-Oct-2026
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एबीवीपी


भुवनेश्वर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। ओडिशा में छात्रसंघ चुनावों से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के प्रत्याशियों ने 60 महाविद्यालयों में 252 पदों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। संगठन के अनुसार, इनमें 12 अध्यक्ष, 17 महासचिव, 22 उपाध्यक्ष और 23 संयुक्त सचिव समेत विभिन्न पद शामिल हैं। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद इन पदों पर अभाविप के प्रत्याशियों के सामने कोई अन्य उम्मीदवार नहीं बचा।

अभाविप ने इस सफलता को विद्यार्थियों के बीच संगठन की सक्रियता और समर्थन का परिणाम बताया है। संगठन का दावा है कि कई महाविद्यालयों में कांग्रेस के छात्र संगठन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और बीजू जनता दल (बीजद) के छात्र संगठन बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) को भी प्रत्याशी नहीं मिले।

अभाविप के अनुसार, बेरहामपुर विश्वविद्यालय में अध्यक्ष, नाट्य सचिव और सांस्कृतिक सचिव के पदों पर अभाविप ने जीत दर्ज की है। वहीं, तलचर ऑटोनॉमस कॉलेज, धर्मशाला डिग्री कॉलेज, महिमा डिग्री कॉलेज (जोरंडा, ढेंकनाल), चिकिटी डिग्री कॉलेज (बेरहामपुर), पीपुल्स डिग्री कॉलेज (बुगुड़ा) और खजुरीकाटा डिग्री कॉलेज (हिंडोल) में सभी प्रमुख पदों पर जीत हासिल कर अभाविप ने क्लीन स्वीप किया है। दिल्ली, पंजाब, केरल और असम सहित देश के विभिन्न राज्यों में छात्रसंघ चुनावों में अभाविप को मिली सफलता भी विद्यार्थियों के बीच संगठन की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री श्रवण बी. राज ने कहा, ओडिशा में अभाविप की लड़ाई कांग्रेस और बीजू जनता दल की उस राजनीतिक कार्यशैली से है, जिसमें विद्यार्थी हितों की अपेक्षा राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता दी जाती है। एनएसयुआई और बीसीजेडी को मिलने वाले राजनीतिक समर्थन के बावजूद कई महाविद्यालयों में प्रत्याशियों का अभाव यह दर्शाता है कि छात्र राजनीति में केवल राजनीतिक पृष्ठभूमि या समर्थन पर्याप्त नहीं है; विद्यार्थियों के बीच निरंतर काम करना और उनका विश्वास अर्जित करना आवश्यक है। अभाविप का कार्यकर्ता वर्षभर विद्यार्थियों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझता है और उनके समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करता है, जबकि कुछ संगठन केवल चुनाव के समय सक्रिय दिखाई देते हैं। 60 महाविद्यालयों में 252 पदों पर अभाविप के प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत संगठन की इसी कार्यपद्धति और विद्यार्थियों के बीच उसके विश्वास को दर्शाती है। अभाविप विद्यार्थियों के हितों के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी और हमें विश्वास है कि आगामी छात्रसंघ चुनावों में भी विद्यार्थी अभाविप को व्यापक समर्थन देंगे।

अभाविप की ओडिशा( पूर्व ) की प्रदेश मंत्री दीप्तिमयी प्रतिहारी ने कहा, ओडिशा के महाविद्यालयों में अभाविप को मिली यह सफलता कार्यकर्ताओं की वर्षभर की मेहनत, निरंतर सक्रियता और विद्यार्थियों के साथ मजबूत संपर्क का परिणाम है। अभाविप का प्रत्येक कार्यकर्ता परिसर में विद्यार्थियों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर लगातार सक्रिय रहता है। विद्यार्थियों का विश्वास ही अभाविप की सबसे बड़ी ताकत है और निर्विरोध जीत के ये परिणाम इसी विश्वास को प्रतिबिंबित करते हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आगामी छात्रसंघ चुनावों में भी अभाविप के कार्यकर्ता विद्यार्थियों के विश्वास के बल पर शानदार जीत दर्ज करेंगे और छात्रहितों के मुद्दों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो

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