
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (हि.स.)। कारोबारी संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क को स्थगित करने के केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। कैट महामंत्री ने कहा कि त्योहारी एवं विवाह सीजन के दौरान केंद्र सरकार का यह निर्णय समयानुकूल और व्यावहारिक है।
कैट महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि यह निर्णय 30 सितंबर को हुई उस बैठक के बाद आया है, जिसमें कैट के नेतृत्व में लगभग 20 प्रमुख व्यापारिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर 2 हजार रुपये से ज्यादा के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेन-देन पर प्रस्तावित 0.40 फीसदी एमडीआर शुल्क के संभावित प्रभावों से अवगत कराया था। इस बीच कैट ने देश भर के व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर कारोबारियों की चिंताओं को केंद्र सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए निरंतर समन्वय और संवाद का कार्य भी किया है।
खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सकारात्मक निर्णय का कैट पूर्ण समर्थन करता है, लेकिन यह व्यवस्था व्यापारियों, विशेषकर छोटे कारोबारियों के लिए किफायती और टिकाऊ बनी रहनी चाहिए। यह स्थगन व्यापारियों का विश्वास मजबूत करेगा और एक सशक्त डिजिटल भारत के निर्माण में सरकार तथा व्यापारिक समुदाय की साझेदारी को और मजबूत बनाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर