
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (हि.स.)। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 में 41 हजार से अधिक प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। रविवार, 18 अक्टूबर को होने वाली इस विश्व एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस के लिए आयोजक प्रोकेम इंटरनेशनल ने सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, यातायात और पर्यावरण प्रबंधन की व्यापक तैयारियां की हैं। दौड़ में मैदान पर उतरने वाले प्रतिभागियों के साथ वर्चुअल श्रेणी में शामिल धावक भी हिस्सा लेंगे।
आयोजकों के अनुसार, धावकों की सुरक्षा और उन्हें सुचारु अनुभव उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पूरे रूट और फिनिश लाइन पर सहायता केंद्र बनाए जाएंगे। दिल्ली पुलिस के साथ पिछले डेढ़ महीने से तैयारियां चल रही हैं। आयोजन के दौरान करीब 200 पुलिसकर्मियों और 70 से 80 यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
रूट में बदलाव, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से शुरू होंगी दौड़ें
आयोजन की तैयारियों के तहत हाफ मैराथन और ओपन 10 किलोमीटर दौड़ के मार्ग में कुछ बदलाव किए गए हैं। ओपन 10 किलोमीटर दौड़ अब संसद मार्ग के बजाय जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से सुबह 7:35 बजे शुरू होगी। सभी दौड़ें इसी स्टेडियम से शुरू होकर वहीं समाप्त होंगी।
प्रोकेम इंटरनेशनल के संयुक्त प्रबंध निदेशक विवेक सिंह ने कहा कि दिल्ली हाफ मैराथन का प्रभाव खेल तक सीमित नहीं है। मिरांडा हाउस के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव अध्ययन के अनुसार, आयोजन का दिल्ली-एनसीआर पर 400 करोड़ रुपये से अधिक का प्रभाव पड़ा है। देशभर से आने वाले धावकों और उनके परिजनों से स्थानीय कारोबार, होटल, आतिथ्य और खुदरा क्षेत्र को भी लाभ मिलता है।
450 चिकित्सा कर्मी रहेंगे तैनात
धावकों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की ओर से व्यापक चिकित्सा व्यवस्था की गई है। पूरे रूट पर 11 मेडिकल स्टेशन बनाए जाएंगे, जबकि फिनिश लाइन के बाद आईसीयू सुविधा से युक्त मेडिकल बेस कैंप रहेगा। होल्डिंग एरिया में दो और रिफ्रेशमेंट क्षेत्र के बाद एक चिकित्सा स्टेशन होगा।
आयोजन में कुल 450 चिकित्सा कर्मियों, 25 मेडिकल स्पॉटर और बाइक पर तैनात नौ चिकित्सा कर्मियों की सेवाएं ली जाएंगी। आपात स्थितियों से निपटने के लिए 12 एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट (एसीएलएस) एंबुलेंस और तीन गोल्फ कार्ट भी उपलब्ध रहेंगी।
सह-चिकित्सा निदेशक डॉ. समीर गुप्ता ने कहा कि 41 हजार से अधिक धावकों की भागीदारी को देखते हुए चिकित्सा टीमों ने व्यापक इंतजाम किए हैं। उनका उद्देश्य जरूरत पड़ने पर प्रतिभागियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।
पानी, जलयोजन और उत्साह बढ़ाने के इंतजाम
धावकों को दौड़ के दौरान तरोताजा रखने के लिए रूट पर पानी और जलयोजन की सुविधाएं रहेंगी। आयोजकों के मुताबिक, बिसलेरी की ओर से वाटर स्टेशन, री-हाइड्रेशन स्टेशन और मिस्ट जोन बनाए जाएंगे। इसके अलावा संतरे और नमक, चिक्की तथा अन्य सहायता केंद्रों की व्यवस्था होगी। धावकों का उत्साह बढ़ाने के लिए आठ चीयरिंग जोन और 12 प्रेरणा जोन भी बनाए जाएंगे। इनमें संगीत, बैंड और विभिन्न समूहों की गतिविधियां शामिल होंगी।
स्टेडियम परिसर में भी प्रतिभागियों के लिए पानी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। आयोजन का उद्देश्य दौड़ के दौरान धावकों को आवश्यक सहायता देना और पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित बनाए रखना है।
पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन को पर्यावरण के अनुकूल आयोजन बनाने के लिए कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजकों ने 100 प्रतिशत कचरा प्रबंधन का लक्ष्य रखा है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के सहयोग से जैविक कचरे से खाद बनाने, प्लास्टिक के पुनर्चक्रण और बचे हुए पानी का पौधों की सिंचाई में दोबारा इस्तेमाल करने जैसे उपाय किए जाएंगे।
आयोजन को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रयासों के लिए विश्व एथलेटिक्स की ओर से ‘एथलेटिक्स फॉर ए बेटर वर्ल्ड’ पहल के तहत कांस्य स्तर की मान्यता भी मिली है।
धावकों के लिए मुफ्त मेट्रो यात्रा
प्रतिभागियों की आवाजाही आसान बनाने और सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए पंजीकृत धावकों को 18 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के अनुसार, रेड, येलो, ब्लू और वायलेट लाइन पर सेवाएं सुबह 3:30 बजे से शुरू होंगी। सुबह 4:15 बजे तक ट्रेनें 15 मिनट के अंतराल पर चलेंगी, जबकि इसके बाद सुबह 6 बजे तक 20 मिनट के अंतराल पर सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन का एक्सपो 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा, जबकि मुख्य दौड़ 18 अक्टूबर को होगी।
----------------------
हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय