
रायपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्योत्सव सुंदर, सुघ्घर और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की थीम पर होगा। छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज बताया है कि राज्योत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निमंत्रण पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे । छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का इस बार 3 दिवसीय आयोजन किया जा रहा है, जो 1 नवंबर 2026 से शुरू होगा।
मंत्री ने जानकारी दी है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनेंगे।आयोजन में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी।जनता की मांग पर बाहर से भी तीन कलाकार बुलाए जाएंगे।
संस्कृति एवं पर्य़टन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि राज्योत्सव में आम जनता की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।आने-जाने से लेकर आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। रायपुर में इस उत्सव के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जहां विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगभग 80 से 100 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे।
पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के अनुसार, इस अवसर पर राज्य की सांस्कृतिक पहचान और विकास कार्यों की झलक प्रदर्शित करने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं के विकास (जैसे राम वन गमन परिपथ) पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
इसके साथ ही मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि राम वन गमन परिपथ का 3 चरणों में विकास होगा।पहले चरण में 10 स्थानों का विकास होगा। इसमें रुद्रेश्वर महादेव मंदिर, रुद्री (धमतरी), शृंगी ऋषि-सप्तर्षि आश्रम, नगरी-सिहावा, खरौद, रामाराम और चिंतामीटर मंदिर (सुकमा), चंदन मिहीं रामगढ़ और सीता बेंगरा (सरगुजा), रामझरना (रायगढ़), विष्णु मंदिर, रामपुर-जुनवानी (कांकेर), चित्रकोट शिव मंदिर, सीतामढ़ी-हरचौका का चयन किया गया है।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि राम वन गमन परिपथ के लिए शोध के आधार पर 31 स्थानों का चयन किया गया है। इन स्थानों का विकास तीन साल में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। स्थानीय पर्यटकों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आश्रय स्थल बनाए जाएंगे, इसके साथ सत्संग भवन और सीता रसोई जैसी सुविधाएं भी विकसित करने की योजना है।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि पिछली सरकार के समय राम वन गमन परिपथ के जो काम अधूरे रह गए थे, उन्हें पूरा करने और पहले से निर्मित सुविधाओं का उपयोग सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। हरचौका और सीतामढ़ी के विकास पर भी काम होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा