
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (हि.स.)। निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने कहा कि आईडीबीआई बैंक में रणनीतिक पुनर्गठन को लेकर कर्मचारियों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। चावला ने कहा कि प्रबंधन के हस्तांतरण को लेकर सभी संबंधित पक्षों के साथ चर्चा की गई है।
वित्त मंत्रालय के तहत दीपम सचिव ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन के बारे में जानकारी देते हुए कर्मचारियों से जुड़े एक सवाल के जवाब में ये बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘आईडीबीआई बैंक में रणनीतिक पुनर्गठन को लेकर आज के फैसले से कर्मचारियों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है, उनके हितों का पूरा ध्यान रखा गया है।’’
उन्होंने कहा कि प्रबंधन के हस्तांतरण को लेकर सभी संबंधित पक्षों के साथ चर्चा की गई है। आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों की संख्या मार्च, 2026 तक 19,108 थी। ये सौदा वित्त वर्ष 2026-27 के समाप्त होने से पहले पूरा होने की संभावना है। इसके बाद केंद्र सरकार आईडीबीआई बैंक के निदेशक मंडल से बाहर हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आईडीबीआई बैंक में 60.72 फीसदी हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लि. की अनुषंगी मेसर्स 10955230 कनाडा इंक 52,878.08 करोड़ रुपये में बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर