वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी 20 से पहले बोले मोर्ने मोर्कल- पिचें बेहद सपाट, ओस में गेंदबाजी मुश्किल

युगवार्ता    16-Oct-2026
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भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल


बेंगलुरु, 16 अक्टूबर (हि.स.)। भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में बड़े स्कोर बनने के बीच भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने सपाट पिचों और ओस को गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि सपाट पिचों पर गेंदबाजी करना पहले ही मुश्किल होता है और दूसरी पारी में ओस के कारण गीली गेंद से गेंदबाजी करने पर दबाव और बढ़ जाता है।

भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की सीरीज का पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच से एक दिन पहले शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में मोर्कल ने कहा कि पिछले दो मुकाबलों में पिचें अपेक्षाकृत सूखी थीं, जिससे गेंदबाजों को अपनी रणनीति लागू करने का थोड़ा मौका मिला।

मोर्कल ने कहा, “सबसे पहली बात यह है कि पिचें बेहद सपाट रही हैं, जिससे गेंदबाजों के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। परिस्थितियों की यही वास्तविकता है और हमने इस बारे में काफी चर्चा की है। जब ओस अधिक होती है, तो मुश्किल और बढ़ जाती है। पिछले दो मुकाबलों में पिचें काफी सूखी थीं, जिससे गेंदबाजों को अपनी योजनाओं को लागू करने का कम से कम थोड़ा मौका मिला।”

उन्होंने कहा, “हालांकि, इन अच्छी पिचों पर दूसरी पारी में गेंदबाजी करते समय जब गेंद गीली हो जाती है, तो गेंदबाजी इकाई पर दबाव काफी बढ़ जाता है।”

मोर्कल ने रांची में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले का जिक्र करते हुए कहा कि वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने 250 रन के लक्ष्य का बचाव करना भी चुनौतीपूर्ण था। उस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में चार विकेट पर 252 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया था।

उन्होंने कहा, “जब हमारे पास बचाव के लिए 250 रन थे, तब भी मैं काफी चिंतित था। मुझे पता था कि वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी के खिलाफ हमारी योजनाओं को सही तरीके से लागू करना मुश्किल हो सकता है। उनका खेलने का अंदाज ऐसा है, मानो हर गेंद पर सब कुछ हासिल करना हो। वे बेहद आक्रामक क्रिकेट खेलते हैं। आप सोच सकते हैं कि इस तरह खेलने से विकेट लेने के मौके मिलेंगे, लेकिन कई बार उनके शॉट सीधे छक्के के लिए चले जाते हैं।”

भारतीय गेंदबाजी कोच ने कहा कि पावरप्ले में क्षेत्ररक्षण पर पाबंदियों के कारण बड़े स्कोर का बचाव करना और कठिन हो जाता है। इस दौरान 30 गज के घेरे के बाहर केवल दो क्षेत्ररक्षक रखने की अनुमति होती है, जिसका फायदा आक्रामक बल्लेबाज उठाते हैं।

मोर्कल ने कहा, “पावरप्ले में किसी लक्ष्य का बचाव करना विशेष रूप से मुश्किल होता है, क्योंकि घेरे के बाहर केवल दो क्षेत्ररक्षक रखने की अनुमति होती है। हमें इन परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाना होगा। परिस्थितियां बदलने वाली नहीं हैं, इसलिए हम केवल अपने कौशल पर काम कर सकते हैं और उन्हें बेहतर तरीके से लागू करने के तरीके तलाश सकते हैं।”

वेस्टइंडीज ने हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में भारत को 24 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-2 से बराबरी कर ली है। अब दोनों टीमों के बीच शनिवार को बेंगलुरु में निर्णायक मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय टीम की कोशिश अंतिम मैच जीतकर सीरीज अपने नाम करने की होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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