राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नाले में गिरी मिनी बस, मप्र के आठ लोगों की मौत

युगवार्ता    17-Oct-2026
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नाले में गिरी मिनी बस को क्रेन से बाहर निकालते हुए पुलिस की टीम


- मुख्यमंत्री ने हादसे पर व्यक्त किया दुःख, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के दिए निर्देश

भोपाल, 17 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान के कोटा जिले में शनिवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से मिनी बस (टेम्पो ट्रैवलर) नाले में जा गिरी। इस हादसे में मध्य प्रदेश के आठ लोगों की मौत हो गई। मृतकों में छह बैतूल जिले के मुलताई और दो लोग भोपाल के रहने वाले थे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मिनी बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से हुई जनहानि पर गहन दुःख और शोकाकुल परिवारों के प्रति आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि दुर्घटना अत्यंत ही दु:खद एवं पीड़ादायक है। उन्होंने राज्य शासन की ओर से भोपाल एवं बैतूल जिले के निवासी मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ हर संभव सहयोग प्रदान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उन्होंने ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

मध्य प्रदेश के बैतूल और भोपाल के लोग टेम्पो ट्रैवलर (मिनी बस) से शुक्रवार की शाम करीब सात बजे भोपाल से खाटूश्यामजी दर्शन के लिए रवाना हुए थे। शनिवार सुबह करीब छह बजे कोटा शहर से 35 किलोमीटर दूर सीमलिया थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कराड़िया टोल के पास ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से 15 फीट नीचे नाले में गिर गया। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

ग्रामीणों ने बताया कि कई शव ट्रैवलर की सीटों के बीच फंसे थे। उन्हें बाहर निकालने के लिए क्रेन की मदद ली गई। उन्हें बड़ी मुश्किल से बाहर खींचा गया। घायलों को खिड़की तोड़कर निकाला गया। रेस्क्यू करने पहुंची टीम ने बताया कि आशंका है कि मिनी बस एक्सप्रे-वे से नीचे बोनट की तरफ से टकराई हो, क्योंकि अगला हिस्सा पूरी तरह से खत्म हो गया है। हादसा इतना भीषण था कि एक शव डैश बोर्ड के कांच को तोड़ते हुए बाहर आ गया था।

कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि बस में 21 लोग सवार थे। हादसे में आठ लोगों की मौत हुई है। मृतकों में अरुणा पत्नी कमलेश झरबड़े, निवासी मुलताई जिला बैतूल, वैष्णवी (25) पुत्री यादुराव गांवड़े निवासी मीरापुर जिला बैतूल, त्रिशा (22) पुत्री कृष्णाराव गाड़के निवासी पटन जिला बैतूल, कृष्णाराव (55) पुत्र बिट्टू गोड़के निवासी पटन जिला बैतूल, राजूराम पुत्र राजकुमार गोड़के निवासी मुलताई जिला बैतूल, ओम सूर्यवंशी (26) पुत्र रामकिशोर किराड निवासी मुलताई जिला बैतूल, सचिन (27) पुत्र कमलेश गिरी निवासी भोपाल और अनिता कुनबी (50) पत्नी राजकुमार कुनबी निवासी भोपाल शामिल है।

इसके अलावा, हादसे में वंशिका झरबड़े (25), अजय गांवड़े, वेदांत झरबड़े (14), मोनिश झरबड़े (26), आकांशी झरबड़े, हेमलता गायकवाड़ (41), सारांश (11), कमलेश, चेतन देशमुख, वर्षा (26), संतोष गायकवाड़, नीलू (45), संतोष गायकवाड़ा सभी निवासी जिला बैतूल के अलावा कृष्णवी भोड़के (14) और वेदेही भोड़के (8) निवासी भोपाल घायल हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पताल में उपचार जारी है।

मृतका अरुणा झरबड़े के देवर योगेश झरबड़े ने बताया कि परिवार के सभी 23 सदस्य शुक्रवार को भोपाल से ट्रैवलर में सवार होकर खाटू श्याम के दर्शन के लिए रवाना हुए थे। लोग घाट बिरोली, सिरखेड़, पटन, मीरापुर और खेड़ी रामोसी सहित आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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