
इस्लामाबाद (पाकिस्तान), 18 अक्टूबर (हि.स.)। बलोचिस्तान नेशनल पार्टी प्रमुख सरदार अख्तर मेंगल ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन का लाइसेंस तो दे दिया गया, लेकिन बलोचिस्तान में कितने ऑपरेशन किए गए और उनके क्या नतीजे निकले? आज बलोचिस्तान जल रहा है और नौजवान पहाड़ों पर चढ़ गए हैं।
द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, मेंगल ने खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और उनके साथियों की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा, इस प्रांत के चुने हुए मुख्यमंत्री और स्पीकर गायब हैं। उनकी सरकार भी छीन ली गई है और शांतिपूर्ण विरोध की इजाजत नहीं है। ऐसा सिस्टम काम नहीं करेगा। खैबर पख्तूनख्वा और बलोचिस्तान के लोगों को यकीन दिलाया जाता है कि वे गुलाम हैं, लेकिन जब तक हम एक देश नहीं बन जाते, हमें गुलाम ही रखा जाएगा।
सरदार अख्तर मेंगल ने कहा कि स्पीकर एक संवैधानिक पद है और इस पद पर बैठे व्यक्ति को मार्शल लॉ के समय भी गिरफ्तार नहीं किया गया था, लेकिन आज स्पीकर देश से गायब हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में लोकतंत्र के दावे किसके आधार पर किए जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि एक तरफ चुने हुए प्रतिनिधि और मंत्री गैरहाजिर हैं, वहीं दूसरी तरफ फॉर्म 47 के जरिए चुने गए सदस्य भी गैरहाजिर हैं।
छह अक्टूबर 1962 को खुजदार में जन्मे अख्तर बलोचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री मीर अताउल्लाह मेंगल के पुत्र हैं। वह भी 1997 से 1998 तक बलोचिस्तान के मुख्यमंत्री रहे हैं। वह पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य भी रहे हैं। वह पाकिस्तानी सेना और सरकार की नीतियों की कड़े आलोचनक हैं। वह पाकिस्तान से अलगाव और बलोचिस्तान के हालात को लेकर तीखे राजनीतिक बयान देने के लिए जाने जाते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद