नेपाल के रास्ते फिर जाली भारतीय नोटों का खेल, बिहार के दो युवक गिरफ्तार

युगवार्ता    02-Oct-2026
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नेपाल में भारतीय जाली नोट के साथ गिरफ्तार


काठमांडू, 02 अक्टूबर (हि.स.)। नेपाल के रास्ते एक बार फिर जाली भारतीय नोटों के कारोबार का मामला सामने आया है। नेपाल के झापा जिले के दमक से दो भारतीय युवकों को भारतीय 500 रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार दोनों युवक बिहार के किशनगंज जिले के रहने वाले हैं। इस कार्रवाई के बाद नेपाल से भारत तक नकली नोटों की कथित सप्लाई और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेज हो गई है।

पुलिस के मुताबिक, झापा के दमक नगरपालिका स्थित देवकोटा चौक से अब्दुल माजिद (24) और रबेद आलम (26) को गिरफ्तार किया है। दोनों किशनगंज के खरियाबारी, फत्तेपुर निवासी बताए गए हैं। उनके पास से भारतीय 500 रुपये के 70 नकली नोट बरामद किए हैं, जिनकी नेपाली मुद्रा में कीमत करीब 56 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस ने दोनों को भारतीय नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा। बरामद नोटों में से अधिकांश पर एक ही सीरियल नंबर दोहराया गया था, जिससे पुलिस को शक हुआ। इसके बाद नोटों को जांच के लिए नेपाल राष्ट्र बैंक, विराटनगर भेजा गया। जांच में सभी नोट नकली पाए गए।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ये नकली नोट सिर्फ एक छोटी खेप है या इसके पीछे नकली भारतीय मुद्रा के बड़े नेटवर्क का कनेक्शन है?

नेपाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि नकली नोट कहां से हासिल किए गए, नेपाल क्यों लाए गए और इन्हें आगे किसे सौंपा जाना था। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार दोनों युवक इससे पहले भी नकली नोटों के कारोबार में शामिल रहे हैं या नहीं।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य विवरणों को भी जांच के दायरे में रखा है। मोबाइल से संपर्क में आए लोगों, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल जानकारी के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले में कोई बड़ा गिरोह या अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं।

झापा की सीमा भारत से लगी हुई है और यहां भारतीय रुपये का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में पुलिस के सामने नकली भारतीय मुद्रा की पहचान और उसके कारोबार को रोकना चुनौती है। दोनों आरोपियों के खिलाफ मुद्रा संबंधी अपराध में जांच चल रही है और अदालत ने उन्हें पांच दिन की हिरासत में रखकर जांच करने की अनुमति दी है।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर नेपाल के रास्ते भारत में नकली भारतीय मुद्रा पहुंचाने की आशंका को सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर ला दिया है। हालांकि, अभी तक पुलिस ने यह पुष्टि नहीं की है कि बरामद नोट किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं या नहीं।

अब जांच के अहम सवाल हैं - नकली नोटों का स्रोत क्या है? इन्हें नेपाल कौन लेकर आया? भारत में इन्हें किसे पहुंचाया जाना था? क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह है? और गिरफ्तार दोनों युवकों के मोबाइल फोन से इस नेटवर्क के और कौन-कौन से तार सामने आते हैं?

नेपाल पुलिस की जांच के साथ-साथ भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की नजर भी इस मामले पर रहने की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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