
आइची-नागोया, 02 अक्टूबर (हि.स.)। एशियाई खेलों में कुश्ती के मुकाबलों में भारतीय पहलवानों के लिए शुक्रवार की सुबह निराशाजनक रही। महिला 76 किग्रा वर्ग में प्रिया मलिक, पुरुष फ्रीस्टाइल 125 किग्रा में रजत रुहाल और महिला 50 किग्रा में दीपांशी को अपने-अपने शुरुआती मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।
महिला 76 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ 16 में प्रिया मलिक को किर्गिस्तान की ऐपेरी मेदेत किजी ने 6-1 से हराया। भारतीय पहलवान पूरे मुकाबले में बढ़त बनाने में सफल नहीं हो सकीं और उन्हें पहले ही दौर में हारकर बाहर होना पड़ा।
पुरुष फ्रीस्टाइल 125 किग्रा के राउंड ऑफ 16 में रजत रुहाल को कजाकिस्तान के येदिगे कासिमबेक ने 8-3 से मात दी। पहले दौर में रजत पर निष्क्रियता की चेतावनी मिली और कासिमबेक ने एक अंक हासिल कर 1-0 की बढ़त बना ली।
दूसरे दौर में रजत ने शानदार वापसी करते हुए कजाक पहलवान के पैर पर हमला किया और टेकडाउन से दो अंक हासिल कर 2-1 की बढ़त बनाई। कासिमबेक को भी निष्क्रियता की चेतावनी मिली। इसके बाद रजत ने अच्छी रक्षात्मक कुश्ती करते हुए एक और अंक हासिल किया और स्कोर 3-1 कर दिया।
हालांकि मुकाबले के अंतिम मिनट में कासिमबेक ने लेग लेस के जरिए रजत को मुश्किल में डाल दिया और लगातार अंक जुटाते हुए बढ़त बना ली। अंत में कजाक पहलवान ने मुकाबला 8-3 से अपने नाम कर लिया।
महिला 50 किग्रा वर्ग में भारतीय युवा पहलवान दीपांशी को जापान की दिग्गज पहलवान यूई सुसाकी ने तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 11-0 से हराया। सुसाकी ने शुरुआत में दीपांशी को मैट से बाहर कर एक अंक हासिल किया। इसके बाद टेकडाउन और रोल के जरिए बढ़त बढ़ाते हुए पहले दौर के अंत तक 7-0 की बढ़त बना ली।
दूसरे दौर में सुसाकी ने एक और टेकडाउन के साथ स्कोर 9-0 किया और फिर एक और सफल दांव से 11-0 की बढ़त हासिल कर मुकाबला तकनीकी श्रेष्ठता से अपने नाम कर लिया। सुसाकी के फाइनल में पहुंचने की स्थिति में दीपांशी को रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक के लिए उतरने का मौका मिल सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे