
- विंग कमांडर वीएस कोचर (रिटायर्ड) ने वायु सेना प्रमुख की उड़ान यात्रा को पूरा किया
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (हि.स.)। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने तेलंगाना के डुंडीगल में अपने उन पुराने इंस्ट्रक्टर रिटायर्ड विंग कमांडर वीएस कोचर के साथ उड़ान भरी, जिन्होंने उन्हें 42 साल पहले हवा में उड़ना सिखाया था। एयर फोर्स एकेडमी में एचजेटी-16 ट्रेनर किरण एयरक्राफ्ट में यह उड़ान भरी, जो एयर चीफ की सर्विस में आखिरी सॉर्टी होगी। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर को चीफ ऑफ एयर स्टाफ के तौर पर उनकी जगह लेंगे।
विंग कमांडर वीएस कोचर (रिटायर्ड) के साथ कॉकपिट में बैठकर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मंगलवार को इंडियन एयर फोर्स का किरण मार्क-1 ट्रेनर एयरक्राफ्ट उड़ाया। लगभग 55 मिनट की इस उड़ान का इसलिए खास महत्व था, क्योंकि उन्होंने अपने पहले फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर विंग कमांडर वीएस कोचर (रिटायर्ड) के साथ उड़ान भरी। इस पल ने वायु सेना प्रमुख की उड़ान यात्रा को पूरा कर दिया। इस मौके ने फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और उनके स्टूडेंट्स के बीच के पक्के रिश्ते के साथ-साथ एयर वॉरियर्स की कई पीढ़ियों को बनाने में ट्रेनिंग, मेंटरशिप और अनुशासन की अहम भूमिका को भी दिखाया। उनकी पहली उड़ान से लेकर उनकी आखिरी उड़ान तक वायु सेना के लिए सेवा, हुनर और समर्पण का एक शानदार सफर रहा।
इस मौके को याद करते हुए एयर चीफ मार्शल ने कहा कि यह सच में एक सपना सच होने जैसा था, क्योंकि मैंने अपना सफर इसी एयरक्राफ्ट से शुरू किया था। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि मैं अकेला चीफ हूं, जो रिटायर हो रहा हूं, जबकि जिस बेसिक एयरक्राफ्ट को उन्होंने उड़ाया था, वह अभी भी काम कर रहा है। इसलिए मुझे लगता है कि मैं बहुत शुक्रगुजार हूं। मैं अपने इंस्ट्रक्टर वीएस कोचर सर का बहुत शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझे शुरुआत में इसी जगह पर फ्लाइंग सिखाई थी। तो मैं बस चाहता था कि यह सर्किल पूरा हो जाए। मैंने अपनी पहली सॉर्टी 28 जनवरी को 1984 में इसी जगह पर उनके साथ की थी और आज मैंने यूनिफॉर्म में अपनी आखिरी सॉर्टी उनके साथ उसी एयरक्राफ्ट में पूरी की।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 31 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं और उनके बाद मौजूदा वाइस चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित वायु सेना प्रमुख का पदभार संभालेंगे। उन्होंने 13 अक्टूबर को जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर एक्सरसाइज 'तरंग शक्ति' के दौरान स्वदेशी तेजस पर अपने कार्यकाल की आखिरी फाइटर जेट उड़ान भरी थी। उन्हें फिक्स्ड और रोटरी विंग विमानों पर 5,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। ------------------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीत निगम