कोर4 इंजीनियर्स का आईपीओ 23 अक्टूबर को लॉन्च होगा, 30 अक्टूबर को लिस्टिंग

युगवार्ता    20-Oct-2026
Total Views |
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (हि.स.)। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर ट्रांसमिशन और वाटर एंड वेस्टवाटर ट्रीटमेंट जैसे क्षेत्रों में इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण और कमीशनिंग (ईपीसीसी) सर्विस देने वाली कंपनी कोर4 इंजीनियर्स लिमिटेड का 55 करोड़ रुपये का आईपीओ आगामी शुक्रवार यानी 23 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा। इस आईपीओ में निवेशक 27 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं।

इश्यू की क्लोजिंग के बाद 28 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 29 अक्टूबर को अलॉटेड शेयर सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसी दिन रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 30 अक्टूबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 88 रुपये से लेकर 93 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयरों का है। हालांकि रिटेल इंवेस्टर्स के लिए इस इश्यू में कम से कम दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना अनिवार्य किया गया है, जिसके लिए उन्हें 2,23,200 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 58,94,400 शेयर जारी किए जा रहे हैं। यह पूरा इश्यू पूरी तरह से फ्रेश शेयर जारी करके जुटाया जा रहा है, जिसमें से 7,20,000 शेयर मार्केट मेकर मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के लिए रिजर्व रखे गए हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए नेट इश्यू का अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इस पूरे इश्यू के लिए सोक्राडामस कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर्स बनाया गया है, जबकि पूर्वा शेयरजिस्ट्री (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

कोर4 इंजीनियर्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए दस्तावेजों में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.89 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3.81 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ जबरदस्त उछाल के साथ 12.37 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 6.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 33.63 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में मामूली बढ़त के साथ 34.60 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल राजस्व प्राप्ति में रिकॉर्ड तोड़ इजाफा हुआ, जिससे यह बढ़ कर 91.79 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 45.77 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 16.75 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में थोड़ा बढ़ कर 18.58 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ जबरदस्त उछाल के साथ 31.58 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 40.57 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।

कंपनी की कुल संपत्ति में भी इस दौरान लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कोर4 इंजीनियर्स लिमिटेड की कुल संपत्ति 31.97 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 67.12 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़कर 116.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 145.43 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 3.63 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 15.74 करोड़ रुपये हो गया। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 16.28 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़कर 22.44 करोड़ रुपये हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 6.43 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 18.70 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 31.07 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी का नेटवर्थ 37.23 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी लगातार बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 4.96 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 6.71 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए लगभग तीन गुना उछल कर 18.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 9.08 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Tags