एशियाई पैरा खेल : प्रणव सूरमा ने एशियाई रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण, राम रतन सिंह को रजत

युगवार्ता    20-Oct-2026
Total Views |
राम रतन सिंह (फोटो-भारतीय खेल प्राधिकरण)


प्रणव सूरमा (फोटो-भारतीय खेल प्राधिकरण)


नागोया, 20 अक्टूबर (हि.स.)। भारत के प्रणव सूरमा और राम रतन सिंह ने पांचवें एशियाई पैरा खेल-2026 में पुरुषों की चक्का फेंक स्पर्धा के एफ-51 वर्ग में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। प्रणव ने एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि राम रतन दूसरे स्थान पर रहे।

प्रणव ने 11.66 मीटर दूर चक्का फेंककर 932 रजा अंक हासिल किए। राम रतन ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास में 10.35 मीटर की दूरी दर्ज करते हुए 809 रजा अंक प्राप्त किए और रजत पदक जीता। ईरान के अलीरेजा हेमामी तीसरे स्थान पर रहे। हालांकि, उपलब्ध विवरण में उनके प्रदर्शन को एफ-53 वर्ग से जोड़ा गया है, इसलिए उनके परिणाम की वर्गवार पुष्टि आवश्यक है।

हरियाणा के प्रणव सूरमा की कहानी संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल है। 16 वर्ष की उम्र में सिर पर सीमेंट की चादर गिरने से उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद वह चलने में असमर्थ हो गए। लंबे उपचार के बाद उन्होंने पैरा खेलों में अपना भविष्य तलाशा। प्रणव ने पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से वाणिज्य में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। वह बैंक ऑफ बड़ौदा में सहायक प्रबंधक के रूप में भी काम कर चुके हैं।

प्रणव ने वर्ष 2023 के एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की क्लब थ्रो एफ-51 स्पर्धा में 30.01 मीटर के रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता था। पेरिस पैरालंपिक-2024 में उन्होंने रजत पदक हासिल किया। इसके अलावा वह सर्बिया ओपन और चेक अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिताओं में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के छाता क्षेत्र के नारी गांव में जन्मे 31 वर्षीय राम रतन सिंह पुरुषों की चक्का फेंक एफ-51 श्रेणी के पैरा एथलीट हैं। चोट लगने से पहले वह कुश्ती और कबड्डी में राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। वर्ष 2019 में उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में चक्का फेंक को अपनाया। उन्होंने 2025 और 2026 के भारतीय ओपन तथा 2026 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते। एशियाई पैरा खेल-2026 में उन्होंने रजत पदक हासिल किया। प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए उन्हें सरकारी सहायता के तहत 98,794 रुपये मिले हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

Tags