ओस्लो वार्ता के बाद जेलेंस्की को उम्मीद, रूस से जवाब का इंतजार

युगवार्ता    21-Oct-2026
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की, नॉर्वे के प्रधान मंत्री जोनास गहर स्टोरे और फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ओस्लो, नॉर्वे में एक संवाददाता सम्मेलन में शामिल हुए


- जेलेंस्की बोले, ‘यूक्रेन के बारे में कोई फैसला यूक्रेन के बिना नहीं’

ओस्लो, 20 अक्टूबर (हि.स.)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों के साथ ओस्लो में हुई बातचीत के बाद उम्मीद जताई है कि अगले 48 घंटों में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से उनकी फिर चर्चा हो सकती है। वार्ता में सुरक्षा गारंटी, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के कूटनीतिक प्रयासों पर विचार किया गया। जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध समाप्त होने के बाद यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा गारंटी की जरूरत है।

ओस्लो वार्ता के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि रूबियो के साथ उनकी बातचीत संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा के लिए उपयुक्त माध्यम रही। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन को मिसाइल हमलों से जुड़ी खुफिया जानकारी अब मिल रही है और इससे रूसी हमलों का जवाब देने में मदद मिल रही है। जेलेंस्की की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अमेरिकी खुफिया सहायता में कथित कमी को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद सामने आए थे।

‘यूक्रेन के बिना नहीं हो सकता कोई समझौता’

जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन के भविष्य से जुड़े किसी भी समझौते में उसके प्रतिनिधियों की भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “यूक्रेन के बारे में यूक्रेन के बिना कुछ नहीं।” अमेरिका, चीन और रूस के बीच संभावित त्रिपक्षीय बैठक की खबरों पर उन्होंने कहा कि यदि बातचीत यूक्रेन के भविष्य से संबंधित है, तो कीव को वार्ता की मेज पर होना चाहिए।

उन्होंने ओस्लो में हुई चर्चा को रचनात्मक बताया और कहा कि अब रूस की प्रतिक्रिया का इंतजार है। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की रूस के साथ प्रस्तावित बातचीत को इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अगला चरण माना जा रहा है।

यूरोप की भागीदारी पर नॉर्वे और फिनलैंड का जोर

नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर ने कहा कि वार्ता का उद्देश्य संबंधित पक्षों के बीच संवाद को अधिक रचनात्मक दिशा देना है। उन्होंने जोर दिया कि स्थायी और न्यायपूर्ण शांति के लिए यूक्रेन, रूस, यूरोप और अमेरिका के साथ अन्य प्रमुख देशों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।

फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि उनका देश और नॉर्वे बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं। रूस के पड़ोसी होने के कारण दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा की चुनौतियों को समझते हैं। स्टब ने कहा कि पिछले सप्ताह के दौरान पर्दे के पीछे काफी प्रगति हुई है और उन्हें उम्मीद है कि शांति प्रक्रिया फिर से पटरी पर आ रही है।

ईरान के मुद्दे पर भी चर्चा

बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी पर भी सवाल उठे, जिसमें उन्होंने कहा था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर अत्यधिक दबाव डालने से रूस, ईरान की मदद कर सकता है। जेलेंस्की ने कहा कि उनके आकलन में रूस पहले से ही ईरान की मदद करता रहा है। स्टब ने इस संदर्भ में कहा कि यूक्रेन ने खाड़ी क्षेत्र के देशों के साथ अपने अनुभव साझा करके उनका समर्थन किया है।

स्टब ने ओस्लो में हुई बैठक को शांति की दिशा में सकारात्मक दिन बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि युद्ध की स्थिति अप्रत्याशित होती है और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर संवाद जरूरी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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