मप्र सेमीकंडक्टर समिट-2026” में मुख्यमंत्री ने 12 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों से की वन-टू-वन बैठक

युगवार्ता    23-Oct-2026
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मप्र सेमीकंडक्टर समिट-2026” में उद्योगतियों से वन टू वन बैठक करते हुए


भोपाल, 23 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार से इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुई दो दिवसीय “मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026” में पहले दिन सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, आईटी अवसंरचना, एवीजीसी-एक्सआर और हेल्थ-टेक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर 12 से अधिक प्रमुख कंपनियों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन चर्चा की।

इन बैठकों में प्रदेश के लिए लगभग 5 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, त्वरित स्वीकृति और 24×7 सस्ती बिजली सहित हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

एनार ग्रुप के चेयरमैन डॉ. श्याम आर. सिंघानिया के साथ डेटा सेंटर एवं संबंधित अवसंरचना के विकास तथा जेएलएल के इंडिया हेड ए. शंकर और सीनियर डायरेक्टर साइमन थॉमस के साथ आईटी अवसंरचना एवं डेटा सेंटर क्षेत्र में विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सेमीकंडक्टर विनिर्माण एवं चिप डिजाइन के क्षेत्र में लालवाला इंडस्ट्रीज के सीईओ सौरभ हरिवदन लालवाला ने 1,200 करोड़ रुपये के निवेश से 300 रोजगार, स्पिंट्रॉनिक्स एआई के संस्थापक एवं सीईओ रघु वर्मा तथा प्रबंध निदेशक श्रीजीत परुचूरी ने दो चरणों में 1,800 करोड़ रुपये के निवेश से 150 रोजगार, इंडसिलिका सेमीकंडक्टर्स के सह-संस्थापक सुनील रावत एवं आदित्य बी. मलिक ने 100 करोड़ रुपये के निवेश से 150 रोजगार, नैनोड्राइट्स टेक्नोलॉजी के प्रबंध निदेशक हर्षित तिवारी ने 65 करोड़ रुपये के निवेश से 140 रोजगार तथा ट्रूचिप के सीईओ नितिन किशोर एवं रणवीर ने 10 करोड़ रुपये के निवेश से 50 रोजगार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इन कंपनियों के साथ सेमीकंडक्टर विनिर्माण, फैबलेस तकनीक, चिप डिजाइन तथा परियोजनाओं के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

मिराफ्रा के संस्थापक एवं सीईओ आलोक के साथ चिप डिजाइन सेवाओं के विस्तार तथा ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर इन इंडिया के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रभाग के साइंस डायरेक्टर प्रो. लुंग-जिएह यांग के साथ ताइवान से सेमीकंडक्टर निवेश आकर्षित करने और वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विमर्श हुआ। ईएसडीएम क्षेत्र में उना इको सिस्टम्स प्रा. लि. के प्रतिनिधि शिनिचि साईतो एवं सीईओ विशाल सिंह ने 2 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 2 हजार रोजगार सृजन का प्रस्ताव दिया। कंपनी के साथ ईएसडीएम क्षेत्र में निवेश एवं विनिर्माण इकाई की स्थापना पर चर्चा हुई। एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र में बियॉन्ड स्टूडियोज के प्रतिनिधि श्री भारत भूषण (सेबेस्टियन) तथा सेबेस्टियन नोआ अकोस्टा जूनियर ने 110 करोड़ रुपये के निवेश से 360 रोजगार के अवसर सृजित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हेल्थ-टेक क्षेत्र में धनुष हेल्थकेयर सिस्टम्स के प्रतिनिधि श्री डी. एस. एन. मूर्ति ने 400 करोड़ रुपये के निवेश से 500 रोजगार सृजन की योजना प्रस्तुत की। इन कंपनियों के साथ संबंधित क्षेत्रों में निवेश, तकनीकी विकास और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

उद्योग प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों की सराहना की

पारस सेमीकंडक्टर्स के संतोष कुमार ने कहा कि नेक्स्ट जेन कम्युनिकेशन में सेमीकंडक्टर चिप महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सतत सहयोग प्रदान किया जा रहा है। पारस सेमीकंडक्टर्स द्वारा सेमीकंडक्टर असेंबली यूनिट के लिए 6 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर के वैश्विक मानचित्र में महत्वपूर्ण स्थान दिलाने के लिए उनकी कंपनी प्रदेश सरकार के साथ है। सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास, युवाओं को उच्च कौशल में दक्ष करने और रोजगार उपलब्ध कराने में यह इकाई महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उना इको सिस्टम्स प्रा. लि., जापान के सीईओ, ग्लोबल बिजनेस, शिनिचि साईतो ने कहा कि कंपनी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग को बढ़ावा देने और हरित ऊर्जा आधारित प्रौद्योगिकी के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में सफल उद्यम स्थापित होगा और प्रदेश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। वीएलएसई के प्रेसिडेंट डॉ. सत्या गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश की सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025 देश में श्रेष्ठ है। पॉलिसी इनिशिएटिव्स के साथ सरकार का सतत सहयोग और हैंडहोल्डिंग मध्यप्रदेश को देश में अग्रणी बनाते हैं। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में प्रदेश में पांच सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और लगभग 20 फैबलेस कंपनियां विकसित होंगी।

ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर इन इंडिया, नई दिल्ली के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रभाग के विज्ञान निदेशक प्रो. लुंग-जिएह यांग ने ताइवान में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्वर एवं इंटीग्रेटेड सर्किट के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने इंदौर की सराहना करते हुए प्रदेश में निवेश एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। ट्रूचिप सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ नितिन किशोर ने मध्यप्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी टीम राज्य में ग्लोबल सेमीकंडक्टर रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ जुड़कर कार्य करने के लिए तत्पर है।

सेमीकंडक्टर प्रदर्शनी में 57 प्रदर्शकों ने की सहभागिता

समिट के दौरान एमपी पवेलियन में 57 प्रदर्शकों ने 70 बूथ और तीन बड़े स्टॉल के माध्यम से सहभागिता की। इसमें उद्योगों, स्टार्टअप्स, अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों एवं शासकीय विभागों ने अपने कार्यों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में एनालॉग डिवाइसेज, टेराडाइन, एचटीएल (जापान) तथा इम्पैक्ट जापान (ऑक्साइड कॉर्पोरेशन, स्केल फोटोनिक्स एवं अल्ट्रासोनिक इंजीनियरिंग) जैसी वैश्विक कंपनियों ने सेमीकंडक्टर परीक्षण उपकरणों, लेजर, वायर-बॉन्डर एवं फोटामास्क तकनीकों का प्रदर्शन किया। एससीएल मोहाली, सीएसआईआर-सीईईआरआई पिलानी, आरआरकैट, एमएसटीई महू एवं आईआईटी इंदौर द्वारा स्वदेशी चिप्स एवं अनुसंधान संबंधी कार्यों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही पारस सेमीकंडक्टर्स, स्क्वैबैंक, फैबलेस स्टार्टअप्स एवं प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों ने भी सहभागिता की।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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