
- दून में एसटीपीआई की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी शुरू, 1,700 से अधिक स्टार्टअप को मिलेगा प्रोत्साहन
देहरादून, 23 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि प्रौद्योगिकी और व्यापार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने देश में तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाने और सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को देहरादून के सहस्रधारा रोड स्थित आईटी पार्क में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) की नई इन्क्यूबेशन सुविधा का उद्घाटन करने के मौके पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस केंद्र से प्रदेश में प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमों और स्टार्टअप को अपने विचारों को उत्पादों में बदलने और कारोबार का विस्तार करने के लिए जरूरी सुविधाएं मिलेंगी।
केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड में 1,700 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप होने का उल्लेख करते हुए कहा कि नई सुविधा से निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के विकास का भी जिक्र किया।
जितिन प्रसाद ने उत्तराखंड से जुड़ी अपनी यादें साझा करते हुए शेरवुड कॉलेज और दून स्कूल में बिताए छात्र जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को देखते हुए इस तरह की सुविधाएं महत्वपूर्ण हैं।
करीब 30 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में चार मंजिलों पर विकसित इस केंद्र में अर्ध-सुसज्जित कार्यालय, उच्च गति इंटरनेट, वातानुकूलित कार्यस्थल, सभागार, बैठक और सम्मेलन कक्ष और नेटवर्क संचालन केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उत्तराखंड के आईटी एवं सुशासन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ सोच, आकांक्षाओं और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता में बदलाव लाना भी जरूरी है। उत्तराखंड में प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि एसटीपीआई की नई सुविधा जैसी पहलें राज्य में नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद करेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की पहल से उत्तराखंड की प्रगति को गति मिलेगी और देश के विकास के व्यापक लक्ष्य को हासिल करने में योगदान मिलेगा।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने शुक्रवार को कहा कि देहरादून में बेंगलुरु और हैदराबाद की तरह प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) केंद्र बनने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए पारंपरिक आईटी केंद्रों से आगे बढ़कर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर विकसित करने की जरूरत है।
देहरादून में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) की नई इन्क्यूबेशन सुविधा के उद्घाटन कार्यक्रम में जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए राज्य में प्रौद्योगिकी आधारित अवसरों का विस्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देहरादून एक प्रमुख शिक्षा केंद्र है और यहां उपलब्ध संभावनाओं का उपयोग कर प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास को गति दी जा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एसटीपीआई की नई सुविधा राज्य के प्रौद्योगिकी तंत्र को मजबूत करने के साथ ही आने वाले वर्षों में युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अधिक अवसर सृजित करने में योगदान देगी।
उत्तराखंड में करीब एक हजार सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध : पंकज पांडे
आईटी सचिव पंकज पांडे ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में करीब एक हजार सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) की नई इन्क्यूबेशन सुविधा से राज्य के प्रौद्योगिकी तंत्र का विस्तार होगा और युवा उद्यमियों को कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा एवं सहयोग मिल सकेगा। एसटीपीआई की नई सुविधा के उद्घाटन कार्यक्रम में पांडे ने कहा कि सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप जैसी पहल युवाओं को अपनी विशेषज्ञता और तकनीकी विचारों को सफल व्यवसायों में बदलने में मदद कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल शासन के विस्तार के साथ राज्य में नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन पहलों से युवाओं के लिए नए अवसर विकसित करने और राज्य की डिजिटल उपस्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।
एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि संगठन स्टार्टअप को बुनियादी ढांचे के साथ मार्गदर्शन, उद्योग जगत से संपर्क और तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराता है। उन्होंने साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उद्यमियों की सहायता के लिए सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की भूमिका का भी उल्लेख किया।
एसटीपीआई के अनुसार, नेक्स्ट जनरेशन इन्क्यूबेशन स्कीम के तहत 52 स्टार्टअप का चयन किया गया है। इनमें से 17 को कुल 4.25 करोड़ रुपये की शुरुआती वित्तीय सहायता दी गई है, जबकि 26 से अधिक स्टार्टअप को 90-90 हजार रुपये का वजीफा मिला है।
राज्य सरकार के सहयोग से वर्ष 2001 में स्थापित एसटीपीआई देहरादून सूचना प्रौद्योगिकी और इससे जुड़ी सेवाओं के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। आईटी सचिव पंकज पांडे ने बताया कि राज्य में करीब एक हजार सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के आईटी एवं सुशासन मंत्री प्रदीप बत्रा,कृषि मंत्री गणेश जोशी और आईटी सचिव पंकज पांडे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय