एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता साहिल जाधव बोले—सफलता के बाद भी जमीन से जुड़े रहना जरूरी

युगवार्ता    26-Oct-2026
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एशियाई खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाने वाले तीरंदाज साहिल राजेश जाधव


कोलकाता, 26 अक्टूबर (हि.स.)। एशियाई खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाने वाले तीरंदाज साहिल राजेश जाधव, किर्ति शर्मा और रोवर सतनाम सिंह को सोमवार को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), कोलकाता की ओर से सम्मानित किया गया। समारोह में खिलाड़ियों के साथ उनके प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर साहिल ने कहा कि सफलता हासिल करने के बाद भी जमीन से जुड़े रहना और लगातार मेहनत करते रहना बेहद जरूरी है।

जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में साहिल ने दो स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय तीरंदाजी में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने पुरुष कंपाउंड टीम और मिश्रित कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं, किर्ति शर्मा ने महिला रिकर्व टीम का हिस्सा रहते हुए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने में योगदान दिया। रोइंग में सतनाम सिंह ने पुरुष डबल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया।

सम्मान समारोह में साहिल के प्रशिक्षक हरेश कुमार, किर्ति के कोच उधम सिंह और सतनाम के प्रशिक्षक व अर्जुन पुरस्कार विजेता इंदरपाल सिंह भी मौजूद रहे। हरेश कुमार साई के कोलकाता स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में साहिल को प्रशिक्षण देते हैं, जबकि उधम सिंह हजारीबाग स्थित साई प्रशिक्षण केंद्र में किर्ति को प्रशिक्षित करते हैं। इंदरपाल सिंह जगतपुर स्थित साई केंद्र में रोइंग खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करते हैं।

साहिल ने कोच और साई के योगदान को सराहा

साहिल जाधव ने अपनी सफलता का श्रेय प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और साई से मिले सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि कोचों की सीख और निरंतर अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने में मदद की। उन्होंने जोर दिया कि बड़ी उपलब्धि के बाद भी विनम्र बने रहना और मेहनत जारी रखना जरूरी है।

सतनाम सिंह ने डबल स्कल्स में कांस्य पदक जीतने के सफर को साझा करते हुए बताया कि शुरुआत में उन्हें पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स स्पर्धा में पदक जीतने का भरोसा था, लेकिन अंतिम समय में उन्हें डबल स्कल्स में हिस्सा लेने के लिए कहा गया। इस बदलाव के बाद वह शुरुआत में आश्वस्त नहीं थे, फिर भी उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का संकल्प लिया।

सतनाम ने कहा कि इस स्पर्धा में भारत ने पहले कभी एशियाई खेलों का पदक नहीं जीता था। अपने साथी सलमान खान के साथ पदक हासिल करके उन्होंने इस मनोवैज्ञानिक बाधा को तोड़ा है। उनके मुताबिक, इससे भविष्य में इस स्पर्धा में भारत के लिए और पदक जीतने की संभावनाओं को बल मिलेगा।

साई ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सराहा

साई राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक सिबानंद मिश्रा ने खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि एशियाई खेलों में उनकी उपलब्धियां देश के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शन में खिलाड़ियों का समर्पण, धैर्य और प्रतिस्पर्धी भावना झलकती है। साई ने खिलाड़ियों और उनकी सहयोगी टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

साहिल की उपलब्धियों के साथ भारत को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बढ़त मिली है। उन्होंने मिश्रित कंपाउंड स्पर्धा में भारत के लिए कोटा स्थान हासिल किया है। समारोह में खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भारतीय खेलों में बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और प्रशिक्षकों के योगदान का उदाहरण बताया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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